जम्मू-कश्मीर: सोमवार से खुल जाएंगे सभी स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में राज्य के पुनर्गठन और प्रदेश को विशेष दर्जा देने वाले प्रावधानों (अनुच्छेद 370) को हटाए जाने के बाद से असामान्य बने जनजीवन की बहाली का रास्ता खुलने लगा है। खबर के मुताबिक राज्य प्रशासन ने प्रदेश के सभी स्कूलों-कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों को सोमवार से खोलने का निर्देश जारी कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार सरकारी कार्यालय और सचिवालय में आज से कामकाज शुरू हो चुका है।
सार्वजनिक प्रतिबंधों में भी जल्द मिलेगी ढील
राजभवन के एक सूत्र ने बताया कि प्रदेश में सार्वजनिक प्रतिबंधों से ढील देने का फैसला जुमे की नमाज के बाद की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में इंटरनेट और फोन सेवाओं पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध है। अनुमान है कि जल्द ही इन प्रतिबंधों को भी हटा लिया जाएगा। माना जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के दौरान प्रदेश की स्थिति की समीक्षा के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है। बता दें कि 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले के बाद एहतियातन स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तर सहित कई संस्थान बंद कर दिए गए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच इंटरनेट और फोन सेवाओं पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। इससे पहले 10 अगस्त को जम्मू इलाके के 5 जिलों से धारा 144 हटाते हुए स्कूल-कॉलेजों को खोलने का निर्देश जारी किया गया था। प्रशासन के निर्देश पर जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर और रियासी जिलों में सभी तरह के प्रतिबंध हटा लिए गए थे। वहीं, पुंछ, राजौरी और रामबन जिलों में प्रतिबंध जारी रखा गया था।
‘सरकार को कुछ और वक्त मिलना चाहिए’
इस बीच जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के प्रावधानों को खत्म करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बिना जानकारी की पुष्टि किए, कुछ सूचनाओं के आधार पर याचिका दायर कर दी गई है। हालांकि, कोर्ट ने याचिका खारिज नहीं की और कहा कि इस मामले में कई और याचिकाएं आई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया पर बैन हटाने संबंधी याचिका पर एक बार फिर कहा कि प्रदेश के हालात स्थिर करने के लिए सरकार को कुछ और वक्त मिलना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सुरक्षा एजेंसियां हर दिन हालात बेहतर करने की कोशिश में हैं।
-एजेंसियां

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