जामिया हिंसा: दिल्‍ली पुलिस ने बताया, न गोली चलाई और न मौत हुई

नई दिल्‍ली। जामिया इलाके में हुई हिंसा के बाद फैल रही अफवाहों और लग रहे आरापों पर दिल्ली पुलिस को अब प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई देनी पड़ी है। दिल्ली पुलिस की तरफ से पीआरओ एमएस रंधावा मीडिया के सामने आए। उन्होंने विरोध प्रदर्शन में जामिया के छात्रों के साथ-साथ आसपास के लोगों के शामिल होने की बात कही। उन्होंने बताया कि पुलिस की तरफ से कोई गोली नहीं चली है न ही किसी की हिंसा की वजह से जान गई है। रंधावा ने अफवाहों से बचने की भी सावधान रहने की बात कही।
आसपास के लोग भी शामिल थे
रंधावा ने बताया कि 13 दिसंबर से यह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। फिर 14 दिसंबर को भी प्रदर्शन हुआ लेकिन जब स्थिति पुलिस की कंट्रोल में थी। इसके बाद रविवार को 2 से 4 बजे के बीच प्रदर्शनकारी माता मंदिर मार्ग इलाके तक आ गए। फिर बसों में आग लगा दी गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को जामिया नगर की तरफ खदेड़ना शुरू किया।
पीआरओ के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल्ब, ट्यूबलाइट और बोतलें फेंकी। रास्ते में एक हॉस्पिटल पर भी पथराव हुआ। पुलिस के मुताबिक 4 डीटीसी बस, पुलिस मोटरसाइकिल के साथ-साथ 100 से ज्यादा निजी वाहनों को फूंका गया। इसमें ज्यादातर बाइक और कुछ कार शामिल हैं। उन्होंने कुछ पुलिसवालों के जख्मी होने की भी बात कही।
रंधावा ने कहा कि कुछ को हिरासत में भी लिया गया था जिन्हें वेरिफिकेशन के बाद छोड़ा गया था। उन्होंने बताया कि मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें क्राइम ब्रांच जांच करेगा।
अफवाहों से बचने की सलाह
रंधावा ने लोगों से अफवाहों पर यकीन नहीं करने करने को कहा। वह बोले कि छात्र चिंता न करें, किसी बहकावे में न आएं। एक्शन सिर्फ उन्हीं के खिलाफ लिया जाएगा जो गैरकानूनी काम में शामिल थे।
रंधावा ने बस वाली घटना पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि अफवाह फैली कि पुलिस ने आग लगाई। बस का नंबर बताते हुए रंधावा ने कहा कि वह बस सही सलामत है क्योंकि पुलिस ने उसमें लगी चिंगारी को बुझा लिया था। रंधावा ने कहा कि पुलिस की तरफ से कोई गोली नहीं चली, न ही किसी की मौत हुई है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *