धैर्य से हर चुनौती का मुकाबला करना संभव: योगी आदित्‍यनाथ

गोरखपुर। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कोरोना और बाढ़ संकट के खात्‍मे के लिए शासन-प्रशासन और जनता की एकजुटता का आह्वान किया। गोरखपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत साम्रगी के वितरण से पहले सभा को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि सुख और दु:ख जीवन के दो अभिन्‍न पहलू हैं। आज एक तरफ कोरोना, दूसरी तरफ बाढ़ का संकट है तो तीसरी तरफ भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍मोत्‍सव भी मनाया जा रहा है।
गोरखपुर के दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार शाम आए मुख्‍यमंत्री पॉली ब्लाक के प्यारी देवी डिग्री कॉलेज परिसर में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरण से पहले सभा को सम्‍बोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि देश और दुनिया आज संकट के दौर से गुजर रही है लेकिन भारत में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा समय पर लिए गए निर्णयों के चलते इस संकट का काफी से मुकाबला सम्‍भव हो पाया है। उन्‍होंने कहा कि श्रीकृष्‍ण का जीवन हमें धर्म, सत्‍य और न्‍याय के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। धैर्य न खोते हुए हम हर चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं। हमें कोरोना से भी बचना है और बाढ़ से भी निपटना है। सरकार हर पीड़ित तक सहायता पहुंचाने के लिए तत्पर है। मंत्रिमंडल के सभी सहयोगी अलग-अलग दिन, अलग-अलग जिलों में जाकर जनता को राहत दिलाने का काम कर रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों में राहत बांटने के बाद सीएम ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना और बाढ़ की स्थितियों की जानकारी ली। वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन बाल रोग अस्पताल के निर्माण कार्यों की समीक्षा भी कर रहे हैं। बैठक के बाद सीएम गोरखनाथ मंदिर जाएंगे जहां आज रात वह श्रीकृष्ण जन्मोत्‍सव के मौके पर आयोजित पूजा में शामिल होंगे। मंदिर में रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। आज वह गोरखनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे। कल सीएम जिले के किसी कोविड अस्पताल का निरीक्षण कर सकते हैं।
प्रशासन को सख्‍त हिदायत है कि किसी भी पीड़ित को निराश न करें। हर चुनौतियों से जूझते हुए जनता को राहत प्रदान करेंगे। मुख्‍यमंत्री ने कोरोना के खिलाफ जंग में जान गंवाने वाले कोरोना वारियर्स को याद किया और कहा कि उन्‍होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। साथ ही यह संदेश भी दिया कि बचाव ही सबसे ज्‍यादा जरूरी है। ‘दो गज की दूरी और मास्क जरूरी’ का नारा देते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा 85 फीसदी मामलों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखते। यूपी में रोज एक लाख टेस्ट हो रहे हैं। फिर भी 24 करोड़ की जनसंख्‍या वाले प्रदेश में सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जांच में समय लगेगा। उन्‍होंने इंसेफेलाइटिस, डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव में जनसहयोग से सार्थक परिणाम मिलने का जिक्र करते हुए कहा किए ऐसे ही सब मिलकर कोरोना को भी हरा देंगे। उन्‍होंने बताया कि पिछले तीन साल के प्रयासों से पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से हर साल जुलाई से नवम्‍बर के बीच होने वाली 1200 से 1500 मौतों में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है।
उन्‍होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मस्तिष्क ज्वर, जेई, एईएस, डेंगू, मलेरिया से मौत नहीं होनी चाहिए। जनता और प्रशासन के आपसी सहयोग से ही पिछले साल 90 फीसदी तक मौतों के आंकड़े कम हुए। इस बार उससे भी आधे मरीज और आधी मौतें हुई हैं। गोरखपुर देश और दुनिया के सामने मिसाल बनकर उभरा है। कोरोना के मामले में भी ऐसे ही परिणाम के लिए आह्वान करने आए हैं। मुख्‍यमंत्री ने 60 वर्ष से ऊपर, बीमार, गर्भव‍ती और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को जरूरत न होने पर घर से बाहर न निकलने की सलाह दी। उन्‍होंने कहा कि अन्‍य लोगों को भी सावधानी बरतनी पड़ेगी। जिस व्यक्ति को संदेह हो वह तत्काल अपनी जांच कराए। कंट्रोल रूम से पता करके जांच कराएं। शासन की व्यवस्था के मुताबिक अपना उपचार कराए। देर करेंगे तो दिक्कत होगी। घर और गांव के लोग प्रभावित होंगे। बाढ़ की त्रासदी का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि इस बार समय से पहले 15 दिन पहले मानसून आया है। जगह-जगह जलभराव है। सभी पीड़ित परिवारों को राहत दे रहे हैं। दस किलो चावल, दस किलो गेहूं, दस किलो आलू, लाई, भुना चना, दाल, तेल, नमक, किरोसिन तेल के अलावा फसलों की क्षति का सर्वेक्षण कराकर किसानों को राहत देंगे। कोरोना काल में महीने में दो बार राशन देने का व्यवस्था की गई है। रसोई गैस के कनेक्शन दिए जा रहे हैं। आपदा में किसी की मौत होने पर चार लाख रुपए की सहायता दी जा रही है। सर्प दंश से मौत पर भी चार लाख की सहायता दे रहे हैं। उन्‍होंने सभा में मौजूद जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र में ही रहकर जनता को राहत पहुंचाने का आह्वान किया।
-एजेंसियां

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