ईरान को फ़ारसी में जवाब दिया इसराइल के पीएम नेतन्याहू ने

ईरान के पोस्टर के जवाब में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी फ़ारसी भाषा में एक ट्वीट किया है. नेतन्याहू ने लिखा है, “उन्हें (अयातुल्लाह ख़ामेनेई) पता होना चाहिए कि जो भी सरकार इसराइल को विनाश की धमकी देती है, उसे ख़ुद विनाश के ख़तरे का सामना कर पड़ सकता है.”
अमरीका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अयातुल्लाह ख़ामेनेई के बयान को ‘घृणित और घटिया’ बताते हुए उसकी निंदा की है. अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने पिछले सप्ताह ही इसराइल का दौरा किया था.
इस दौरान उन्होंने कहा था, “ईरान कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है, बावजूद इसके वो आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए अपने संसाधनों का इस्तेमाल करने में लगा है.”
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह ख़ामेनेई ने कहा है कि ‘जो भी देश या समूह इसराइल को टक्कर देगा, ईरान उसका समर्थन करेगा.’
वार्षिक येरूशलम दिवस पर फ़लस्तीनियों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए ईरान के नेता आयातुल्लाह ख़ामेनेई का यह बयान उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है.
उनके ट्वीट में लिखा है, “हम किसी भी ऐसे राष्ट्र या समूह की सहायता करेंगे जो यहूदीवाद पर आधारित शासन (इसराइल) का विरोध करेगा और उनसे लड़ाई करेगा. हमें यह कहने में ज़रा भी परहेज़ नहीं है.”
मध्य-पूर्व में ईरान, इसराइल का कट्टर दुश्मन देश है और सीरिया के गृहयुद्ध में वो रूस के साथ राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थक रहा है जो शिया लड़ाकों को अपनी ओर से सैन्य सलाहकारों के साथ-साथ सैन्य सामग्री भी भेजता रहा है.
वहीं इसराइल पड़ोसी देश सीरिया पर गहनता से नज़र रखता है और मौक़ा पड़ने पर सीरिया में ईरान और लेबनानी हिज़बुल्लाह लड़ाकों द्वारा भेजे जाने वाले संदिग्ध हथियारों और सैन्य बलों की आवाजाही को हवाई हमलों से निशाना बनाता रहा है.
यानी दोनों देशों के बीच का तकरार जग-ज़ाहिर है. बुधवार को ही अयातुल्लाह ख़ामेनेई ने, अलग से कहा कि ‘इसराइल के प्रति ईरान की दुश्मनी का मतलब यहूदियों से दुश्मनी नहीं है.’ उन्होंने कहा, “हमारी नज़र में इसराइली सरकार के ख़ात्मे का मतलब यहूदियों का सफ़ाया नहीं है. हमें यहूदियों से कोई परेशानी नहीं है. पर इसराइल की सरकार से है जो आतंकवाद को प्रायोजित करती है.”
फ़ारसी के अपने ट्विटर हैंडल से अयातुल्लाह ख़ामेनेई ने ट्वीट किया है, “इसराइल के ख़ात्मे का अर्थ है कि ईसाई, मुस्लिम और यहूदी लोग मिलकर अपनी सरकार चुनें और नेतन्याहू जैसे विदेशी ठगों (इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू) को धकेल बाहर करें.”
ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि अयातुल्लाह ख़ामेनेई शुक्रवार को एक सार्वजनिक संबोधन करने वाले हैं. बुधवार को इसराइल संबंधी ट्वीट्स से पहले अयातुल्लाह ख़ामेनेई के दफ़्तर ने फ़लस्तीनियों के समर्थन में कुछ ट्वीट किये थे. इस बीच उनकी वेबसाइट Khamenei.ir ने एक जनमत संग्रह आयोजित करके इसराइल-फ़लस्तीनी संघर्ष के अंतिम समाधान के लिए एक इसराइल विरोधी पोस्टर जारी किया है जिसका शीर्षक भी ‘अंतिम समाधान’ है.
यूरोप की यहूदी आबादी की सामूहिक हत्या के लिए भी जर्मनी की नाज़ी सरकार ने ‘अंतिम समाधान’ (फ़ाइनल सॉल्यूशन) शब्द का इस्तेमाल किया था.
-BBC

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