इसराइली PM नेतन्याहू ने कहा, हमास को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

इसराइली सेना और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच लगातार पाँचवें दिन संघर्ष जारी है. इसराइल ने गज़ा में अपनी कार्यवाही तेज़ कर दी है, वहीं फ़लस्तीनी इसराइल में रॉकेट दाग रहे हैं.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यमिन नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइली सेना गज़ा में जब तक ज़रूरी हुआ सैन्य कार्यवाही करती रहेगी. शुक्रवार सुबह उन्होंने एक बयान में कहा कि “हमास को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी”.
वहीं हमास के सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि इसराइली सेना ने अगर ज़मीनी सैन्य कार्यवाही करने का फ़ैसला किया तो वो उसे “कड़ा सबक” सिखाने के लिए तैयार हैं.
नेतन्याहू के बयान के आने के थोड़ी ही देर बाद गज़ा के आसमान में धमाकों की वीडियो तस्वीरें सामने आईं.
उधर, गज़ा से भी इसके बाद इसराइल के कई शहरों पर रॉकेट बरसाए जाने लगे.
इससे पहले इसराइल ने गज़ा से लगी सीमा पर टैंकों और सैनिकों को तैनात कर दिया है. वो पिछले कई दिनों से जारी संघर्ष के बाद अब ज़मीनी सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है.
हालाँकि, शुक्रवार को इसराइली सेना ने कहा कि अभी उनकी थल सेना और वायु सेना ने हमले किए हैं मगर वो गज़ा के भीतर नहीं गए हैं.
फ़लस्तीनी चरमपंथियों और इसराइली सेना के बीच सोमवार से ही हिंसा भड़क उठी है. चरमपंथी इसराइल में रॉकेट दागते रहे और इसराइली सेना लगातार मिसाइलों से हवाई हमले करती रही.
अब तक गज़ा में 100 से ज़्यादा और इसराइल में सात लोगों की जान जा चुकी है.
उधर इसराइल के भीतर भी यहूदी और अरब उपद्रवियों के बीच झड़पें हो रही हैं जिसकी वजह से राष्ट्रपति बिन्यामिन नेतन्याहू ने गृह-युद्ध छिड़ने की चेतावनी दे दी है.
इसराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने अशांति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों की ज़बरदस्त तैनाती के आदेश दिए हैं.
अभी तक 400 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
गुरुवार को गज़ा सीमा के पास पैदल सेना की दो टुकड़ियाँ और एक हथियारबंद टुकड़ी को तैनात कर दिया गया. सेना के कम-से-कम 7,000 रिज़र्व सैनिकों को भी बुलाया गया है.
अभी ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने के बारे में कोई फ़ैसला नहीं हुआ, मगर समझा जाता है कि सेना बहुत जल्दी इसकी योजना पेश करेगी. इसे इसके बाद सेना प्रमुखों और सरकार से मंज़ूर करवाना होगा.
गज़ा और इसराइल में सोमवार से भड़की हिंसा 2014 के बाद से सबसे गंभीर हिंसा है.
इसकी शुरुआत पूर्वी यरुशलम में महीने भर से जारी तनाव के बाद हुई जिसके बाद पिछले शुक्रवार को अल-अक़्सा मस्जिद के पास झड़पें हुईं और दो दिन बाद दोनों पक्षों के बीच रॉकेट और मिसाइलों से हमले होने लगे.
-BBC

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *