इजरायल: Netanyahu को मिला सरकार बनाने का न्योता

यरूशलम। चुनाव नतीजे उम्मीदों के अनुरूप न होने के बाद भी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन Netanyahu को पॉलिटिकल लाइफलाइन मिल गई है। राष्ट्रपति ने उन्हें इजरायल की अगली सरकार बनाने का न्योता दिया है। हालांकि Netanyahu के सामने बड़ी चुनौती है। अगले 28 दिनों के भीतर उन्हें संसद में कम से कम 61 सदस्यों का समर्थन जुटाना होगा और फिलहाल इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने का उनके पास कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है। आपको बता दें कि 17 सितंबर को हुए चुनाव में उनके गठबंधन की झोली में 55 सीटें ही आईं। उधर, भ्रष्टाचार के तीन मामलों का भी वह सामना कर रहे हैं। अगले बुधवार को सुनवाई तय हो गई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह सरकार बनाने में सफल रहते हैं या नहीं।
28 दिन के बाद भी मिलेंगे 2 हफ्ते
इस बीच, इजरायल के राष्ट्रपति ने बुधवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन Netanyahu को नई सरकार के गठन का जिम्मा सौंपा। उनके कार्यालय ने यह घोषणा की। इस घोषणा से पहले राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन, नेतन्याहू और उन्हें चुनौती देने वाले बेन्नी गेंट्ज के बीच संयुक्त बैठक हुई। नेतन्याहू के पास सरकार बनाने के लिए 28 दिनों के अलावा 2 सप्ताह का और समय मिल सकता है। अगर सभी प्रयास नाकाम हो जाते हैं तो रिवलिन किसी और को यह जिम्मा सौंप सकते हैं। रिवलिन, नेतन्याहू और गेंट्ज से एकता सरकार बनाने का अनुरोध कर रहे थे लेकिन इसमें समझौते के आसार नहीं दिखे।
किसे, कितनी सीटें
इससे पहले इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार को 17 सितंबर को हुए संसदीय चुनावों के अंतिम परिणामों की घोषणा की। समिति ने कहा कि मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी को छह मतपत्रों में संभावित कदाचार के बाद एक सीट अतिरिक्त या कुल 32 सीट दी जानी चाहिए। हालांकि, दक्षिणपंथी सत्तारूढ़ पार्टी अभी भी पूर्व रक्षा मंत्री बेन्नी गेंट्ज की अगुआई वाली मध्यमार्गी ब्लू ऐंड वाइट पार्टी से पीछे है। ब्लू ऐंड वाइट को 33 सीटों पर जीत मिली है। विपक्षी गठबंधन के साथ 54 सांसद हैं।
अरब-यहूदी जॉइंट लिस्ट पार्टी को 13 सीटों पर जीत मिली है। यह किंसेट (संसद) में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। एविग्डोर लिबरमैन की पार्टी ‘इजरायल ऑवर होम’ को हाल के चुनावों में 8 सीटें मिली हैं। लिबरमैन ने धार्मिक पार्टियों के साथ उदार एकता वाली सरकार का आह्वान किया है। शास ने 9 सीटें जीती हैं। यह एक यहूदी अति रुढ़िवादी पार्टी है, जबकि एक अन्य अति-रुढ़िवादी पार्टी यूनाइटेड तोरह जुडेसम ने सात सीटें जीती हैं। येमिना को सिर्फ सात सीटें मिली हैं। यह प्रो-सेटलर पार्टियों व नेतन्याहू की करीबी सहयोगी है।
आपको बता दें कि अप्रैल के बाद हुए चुनाव में 120 सीटों वाली संसद में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है जिससे वह सरकार बना सके। इससे राजनीतिक संकट पैदा हो गया। गतिरोध को दूर करने के प्रयास के तहत राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन ने नेतन्याहू और गेंट्ज को मुलाकात के लिए बुलाया और मजबूत सरकार बनाने के लिए एक समझौते पर पहुंचने को कहा। हालांकि प्रयास विफल रहे।
-एजेंसियां

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