ईरान ने कहा, अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण कोरोना से लड़ने में परेशानी

तेहरान। ईरान ने कहा है कि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से उसे कोरोना वायरस से लड़ने के कोशिशों में काफी परेशानी हो रही है।
ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने बताया कि राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अपने समकक्ष नेताओं को लिखे एक पत्र में कहा है कि कैसे ईरान में कोरोना वायरस से लड़ने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि हमारे इन प्रयासों को अमेरिकी प्रतिबंधों से परेशानी आ रही है।
यही नहीं, उनसे आग्रह किया गया है कि वो एक बार इसका निरीक्षण करें। जवाद जरीफ ने कहा कि एक निर्दोष को मरने देना अनैतिक है। वायरस कोई राजनीति या भूगोल नहीं मानते हैं, और हमें भी ऐसा नहीं करना चाहिए।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अपने समकक्ष नेताओं को लिखा पत्र
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए ईरान ने इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी सहायता की मांग की थी। ईरान के शीर्ष नेता ने आर्म्ड फोर्स को बीमारी से लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा था। ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ चुके हैं। ईरान के शीर्ष नेता खोमैनी के सलाहकार भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इससे पहले सऊदी अरब ने कोरोना वायरस के चलते अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर दो सप्ताह के लिए पाबंदी लगा दी है।
ईरान में फंसे 234 भारतीयों को लाया गया भारत
दूसरी ओर कोरोना वायरस की मार झेल रहे ईरान में फंसे 234 भारतीयों को भारत ले आया गया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि इस जत्थे में 131 छात्र और 103 तीर्थ यात्री शामिल हैं। एस. जयशंकर ने इसके लिए ईरान सरकार और भारतीय दूतावास को धन्यवाद कहा है। ईरान से विमान पहले दिल्ली पहुंचा और फिर यहां से फिर जैसलमेर ले जाया गया। यहीं पर आर्मी के आइसोलेशन वॉर्ड में सभी आने वालों की स्क्रीनिंग की जाएगी और इसके बाद जैसलमेर के क्वैरंटाइन में रखा जाएगा।
चीन में महामारी बन चुके कोरोना वायरस का तांडव दुनिया के दूसरे देशों में भी देखने को मिल रहा है। ईरान में इसका खासा प्रभाव है। यहां करीब 13,000 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 700 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम के लिए सरकार की ओर से लगातार कोशिश की जा रही है।
-एजेंसियां

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