कोयंबटूर में बस ड्राइवरों को निर्देश, महिला यात्रियों से बात न करें

चेन्नै। कोयंबटूर में सरकारी बसों के ड्राइवर नए नियमों को सुनकर हैरत में पड़ गए हैं। तमिलनाडु स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (टीएनएसटीसी), कोयंबटूर ने ड्राइवरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे उनकी बगल की सीट में बैठी महिलाओं से बातचीत न करें।
दरअसल, इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि बातचीत की वजह से ड्राइवरों का ध्यान भंग होता है। इसके बाद 19 जनवरी को यह चेतावनी देते हुए सर्कुलर जारी किया गया कि जो भी अब ऐसा करता हुआ पाया गया उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
टीएनएसटीसी के एक अधिकारी ने कहा, ‘गाड़ी चलाते वक्त बातचीत के कारण ध्यान बंट जाता है। ऐसे में दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इन सभी बातों का ख्याल रखते हुए ये निर्देश जारी किए गए हैं।’ कोयंबटूर में इनइयम कइगल वर्कर्स यूनियन के एम. राधाकृष्णन कहते हैं कि ऐसे कई उदाहरण हैं जब कंडक्टर ड्राइवरों को गाड़ी रोकने के लिए आवाज लगाता रहता है और चालक बातचीत में कुछ इस कदर व्यस्त होते हैं कि वाहन रोकते ही नहीं। वह कहते हैं, ‘कुछ लोग बातचीत में इतना ज्यादा तल्लीन हो जाते हैं कि वे ड्राइविंग करते रहते हैं और उन्हें इस बात से भी कोई मतलब नहीं रहता कि कौन यात्री बस में चढ़ रहा है या उतर रहा है।’
‘निरस्त कर दिया गया था यह आदेश’
टीएनएसटीसी के ड्राइवर डीआर रमेश कहते हैं कि इससे पहले भी एक नियम जारी किया गया था, जिसमें कंडक्टरों को साफ तौर पर मना किया गया था कि वे आगे की सीट पर न कब्जा जमाएं। हालांकि, बाद में इसे नाइट ड्यूटी करने वाले ड्राइवरों की शिकायत के बाद निरस्त कर दिया गया। ड्राइवरों का कहना था कि रात में कोई साथ में न होने की वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रमेश कहते हैं, ‘यदि महिलाओं से बातचीत करने में दिक्कत है तो बैठने का पूरा तरीका ही बदल देना चाहिए।’
‘सरकार चलवाए और बसें’
बीआर पुरम इंडस्ट्रियल एस्टेट में काम करने वालीं एम दिव्या कहती हैं, ‘यदि सरकार को हमारी सेफ्टी और कम्फर्ट की चिंता है तो और बसों का संचालन कराना चाहिए…खास तौर पर एसी बसों का जिसमें ज्यादा सीटें हों।’
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *