पवित्र धर्मग्रंथ की बेअदबी के मामले में अक्षय कुमार से दो घंटे तक पूछताछ

चंडीगढ़। पंजाब में पवित्र धर्मग्रंथ की बेअदबी और कोटकपूरा एवं बहिबलकलां गोलीकांड की जांच कर रही विशेष टास्क फोर्स (एसआईटी) ने आज फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार से चंडीगढ़ में पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार करीब दो घंटे तक चली पूछताछ में एसआईटी ने अक्षय से 42 सवाल पूछे।
अक्षय से राम रहीम और और सुखबीर बादल संग बैठक से लेकर सिखों के धर्मग्रंथ के अपमान समेत कई सारे सवाल पूछे गए। हालांकि अक्षय ने एसआईटी के सामने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
बाद कोटकपुरा थाने में दर्ज मामले के संबंध में पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, शिरोमणि अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल और अक्षय कुमार को समन जारी किए गए थे। इस मामले में ऐक्टर अक्षय कुमार पर जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में संगीन आरोप लगे थे। आरोपों के मुताबिक अक्षय ने 20 सितंबर 2015 को अपने फ्लैट पर तत्कालीन डेप्युटी सीएम सुखबीर सिंह बादल और डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बीच बैठक करवाई थी। इसी मीटिंग के दौरान ही डेरा प्रमुख की फिल्म को पंजाब में रिलीज करने पर मुहर लगी थी।
एसआईटी ने दो घंटे की पूछताछ में अक्षय पर कई सवाल दागे। एसआईटी ने अक्षय से राम रहीम और सुखबीर बादल के बीच बैठक को लेकर सवाल दागे। सूत्रों के अनुसार अक्षय ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका नाम बेवजह इस मामले में घसीटा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अक्षय ने एसआईटी के सामने कहा, ‘मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। मुझे पता नहीं मेरा नाम क्यों घसीटा जा रहा है। मैंने सिखों के धर्मग्रंथ का अपमान नहीं किया है।’ अक्टूबर 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के मामलों की जांच के लिए इस साल सितंबर में अमरिंदर सरकार द्वारा एसआईटी गठित की गई थी, उस समय राज्य में अकाली दल-बीजेपी गठबंधन सरकार थी और प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थे। फरीदकोट जिले के कोटकपुरा के बेहबल कलां गांव में पुलिस की गोलीबारी में दो लोग मारे गए थे।
एसआईटी ने अक्षय को बुधवार को अमृतसर की बजाय चंडीगढ़ में पेश होने का विकल्प दिया था। पंजाब पुलिस एसआईटी ने इससे पूर्व अक्षय को 21 नवंबर को अमृतसर सर्किट हाउस में बुलाया था। एसआईटी के सदस्य और पुलिस महानिरीक्षक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने मंगलवार को बताया,‘हमने उन्हें (अक्षय कुमार) यहां (चंडीगढ़) में पेश होने की छूट दी है।’
गौरतलब है कि गुरमीत इस समय बलात्कार के दो मामलों में 20 साल की जेल की सजा काट रहा है। एसआईटी ने अक्षय के साथ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को भी बुलाया था। एसआईटी प्रकाश सिंह बादल और उनके पुत्र सुखबीर सिंह बादल से चंडीगढ़ में पहले ही पूछताछ कर चुकी है। सुखबीर ने सोमवार को एसआईटी सदस्यों को बताया था कि वह पंजाब के बाहर कभी भी अक्षय से नहीं मिले हैं।
बता दें कि अक्षय पहले भी इन आरोपों से इंकार करते रहे हैं। कुछ दिन पहले दी गई सफाई में उन्होंने कहा था कि अपने पूरे जीवन में वह कभी भी राम रहीम से नहीं मिले हैं। आपको बता दें कि एसआईटी इस मामले में अभी तक एडीजीपी जितेंदर जैन, आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, आईजी अमर सिंह चहल, फिरोजपुर के तत्कालीन डीआईजी एमएस जग्गी, फरीदकोट के तत्कालीन डीसी एसएस मान, एसएसपी वीके स्याल और एसडीएम के अलावा विधायक मनतार बराड़ से पूछताछ कर चुकी है। इनके अलावा कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा चुकी है।
-एजेंसियां

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