मंडी संबंधी समस्याओं पर उद्योग व्यापार प्रति. मंडल ने दिया ज्ञापन

मथुरा। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को आज ज्ञापन दिया गया।

जिला अध्यक्ष बलराम शर्मा व जिला महामंत्री नवीन सोनी के नेतृत्व में ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि मंडी परिषद द्वारा जारी किए जा रहे आदेशों व मंडी पोर्टल से व्यापारियों को आ रही कठिनाइयों के सुधार के लिए मंडी परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा नए नए आदेश लागू किए जा रहे हैं जो ना तो व्यवहारिक हैं और ना ही संवैधानिक हैं।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा मांग की गई कि मंडी परिषद का पोर्टल सुचारू रूप से कार्य नहीं करता है जिससे व्यापारियों को व्यापार करने में कठिनाइयां आ रही हैं। जब तक पोर्टल सुचारू रूप से चालू हो तथा व्यापारी उस पर काम करना सीख जाएं तब तक के लिए कम से कम 6 माह मंडी के काम करने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन व्यवस्था जारी रखने के आदेश पारित करें।

वहीं अन्य प्रांतों से आने वाले कृषि उत्पादों पर प्रवेश पर्ची बनाने की मंडी अधिनियम में व्यवस्था है परंतु ई मंडी पोर्टल पर प्रवेश पर्ची नहीं बनाई जा रही है अपितु 688 कर मंडी शुल्क वसूल किया जा रहा है जो मंडी अधिनियम के प्रतिकूल है।

पोर्टल पर अन्य प्रांतों से आने वाले कृषि उत्पादों की प्रवेश पर्ची काटे जाने की व्यवस्था करने के आदेश पारित करें जब तक पोर्टल पर प्रवेश पर्ची काटने की व्यवस्था नहीं हो पाती तब तक मैनुअल प्रवेश पर्ची काटे जाने की व्यवस्था करने का आदेश पारित करें।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज दाल दलहन जो प्रदेश के बाहर से आता है उस से निर्मित उत्पाद को मंडी शुल्क से कर मुक्त घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश के उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए मध्यप्रदेश की भांति उत्तर प्रदेश में भी प्रदेश के बाहर से आने दाल दलहन को मंडी शुल्क से मुक्त किया जाए।

256/ 2001 – 1385 दिनांक 7-09-2001 के द्वारा प्रदेश से बाहर से आने बाले दलन को प्रक्रिया उपरांत प्रदेश से बाहर भेजने पर मंडी शुल्क विकास सेस से छूट प्रदान की गई थी। उपरोक्त छूट वर्तमान ई पोर्टल पर दर्शित नहीं हो रही है। अतः आदि संख्या 256/ 2001-1385 दिनांक 7 -09- 2001 के अनुसार मिलने वाली छूट पोर्टल पर सुधार कर दर्ज कराने के आदेश पारित करें। दाल व चावल कृषि उत्पाद ना होकर दलहन व धान से मील में प्रोसेस होने के बाद बनाए जाते हैं जिन्हें मंडी अधिनियम में निर्दिष्ट सूची से बाहर किए जाए।

पूर्व में बिक्री किए जाते समय 9 – आर भौतिक रूप से काटे जाते थे जिसमें सभी खरीद पऱ क्रेता को एक ही 9-आर जारी किया जाता था परंतु इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे 9-आर प्रत्येक वस्तु के लिए अलग-अलग काटे जा रहे हैं व क्वालिटी वाइज रेट अलग-अलग होने पर भी 9-आर अलग-अलग काटे जा रहे हैं जिससे एक ही व्यापारी से सामान खरीदने पर 8 से 10तक 9-आर काटे जा रहे हैं।

अतः सॉफ्टवेयर में सुधार कर सभी प्रकार की जिंसों व रेट के लिए एक ही 9-आर काटे जाने की व्यवस्था पोर्टल पर की जाए तथा पोर्टल में सुधार होने तक मैनुअल व्यवस्था को जारी रखा जाए 9-आर पोर्टल पर काटे जाने के पश्चात गेट पास की आवश्यकता नहीं है अतः गेट पास की अनिवार्यता खत्म की जाए|

जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा कहा गया कि व्यापारी सदेव सहयोग की भावना से काम करता है इसलिए हमारी मांग पत्र पर सहानुभूति पूर्वक व्यापारी हित में निर्णय लें।

ज्ञापन देने वालों में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल मथुरा के जिला अध्यक्ष बलराम शर्मा, जिला महामंत्री नवीन सोनी, महानगर अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापति, आलोक बंसल, प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत खंडोली, नेतृपाल गौतम, सीताराम शर्मा, योगेश अग्रवाल, बालकिशन, राजेश आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
– Legend News

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