Turkey के खिलाफ भारत का कड़ा रुख, रक्षा निर्यात में कटौती

नई दिल्‍ली। भारत ने Turkey के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। भारत अब Turkey के रक्षा निर्यात में कटौती कर रहा है।
ये कटौती Turkey द्वारा कश्मीर पर बार-बार दिए जा रहे भारत विरोधी बयान तथा पाकिस्तान के साथ बढ़ते रक्षा संबंधों को लेकर तो है ही, साथ ही अंकारा तथा पाकिस्तान के बीच रक्षा क्षेत्र में बढ़ती नजदीकियों के कारण भी की जा रही है।
Turkey को भारत सैन्य साजो-सामान तथा ड्यूअल यूज आइटम्स जैसे एक्सप्लोसिव्स तथा डेटोनेटर्स के निर्यात में इसलिए कटौती कर रहा है क्योंकि उसे आशंका है कि वह इसका इस्तेमाल भारतीय हितों के खिलाफ कर सकता है।
इस बीच Turkey के राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
Turkey पर बढ़ा अंतर्राष्ट्रीय दबाव
सीरिया में कुर्दो के नेतृत्व वाले सुरक्षाबलों के खिलाफ सैन्य कार्यवाही रोकने के लिए Turkey पर भारत सहित कई अन्य देशों का दबाव बढ़ रहा है। भारत ने पूर्वोत्तर सीरिया में ‘एकतरफा सैन्य कार्यवाही’ पर चिंता जताई है और इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी कार्यवाही का मकसद क्षेत्र में शांति बनाए रखना तथा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई होना चाहिए।
संवेदनशील उपकरणों का निर्यात बंद
सूत्रों ने बताया है कि Turkey के राष्ट्रपति रिजेब तैय्यप अर्दोआन द्वारा कश्मीर पर बार-बार दिए जा रहे बयानों और अंकारा द्वारा इस्लामाबाद को हथियारों की आपूर्ति में बढ़ोत्तरी को देखते हुए Turkey को संवेदनशील उपकरणों के निर्यात पर रोक लगा दी गई है और इसे जल्द बहाल करने की भी कोई संभावना नहीं है।
भारत से Turkey को सैन्य उपकरणों की आपूर्ति कम है, लेकिन ड्यूअल यूज आइटम्स जैसे डेटोनेटिंग कॉर्ड, सेफ्टी फ्यूज तथा कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल में आने वाले एक्सप्लोसिव्स की व्यापार में हिस्सेदारी ज्यादा है।
ISIS ने किया भारतीय उपकरणों का इस्तेमाल
सीरिया में ISIS द्वारा हथियारों के किए गए इस्तेमाल पर कॉनफ्लिक्ट अर्मानेंट रिसर्च (CAR) द्वारा 2017 में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक आतंकवादियों द्वारा ज्यादातर आईईडी अटैक के लिए इस्तेमाल में लाए गए उपकरण भारतीय थे और उन्हें तुर्की सहित कई अन्य देशों को निर्यात किया गया था, जिसके बाद वे कॉनफ्लिक्ट जोन में पहुंच गए।
खटाई में 2.3 अरब डॉलर की डील
रिपोर्ट में कहा था कि Turkey शिपयार्ड के सहयोग से नौसेना के लिए फ्लीट सपोर्ट वेसेल्स के निर्माण की 2.3 अरब डॉलर की डील पर सुरक्षा संबंधित चिंताओं के मद्देनजर सवालिया निशान लग गया है और इसे रद्द किया जा सकता है।
-एजेंसियां

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