चीन से भी ज्यादा सक्षम हैं भारत के लघु उद्योग: अशोक अग्रवाल

आगरा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल का मानना है कि भारत के लघु उद्योग चीन से भी ज्यादा सक्षम हैं। उनके लिए शासन की तरफ से तो प्रयास हो रहे, लेकिन नीतियों को अमल में लाने की प्रक्रिया कमजोर है। क्रियान्वयन करने वाली सरकारी एजेंसियां अपने अधिकारों का तो प्रयोग करती हैं, लेकिन कर्तव्य भूल जाती हैं। यदि उनका सहयोग उद्योग हित में और राष्ट्र हित में होगा तो हमारी इंडस्ट्री चीन से भी ज्यादा दमदारी से विश्व के बाजारों में परचम लहराएगी।

ताज रोड स्थित होटल क्लार्क शिराज में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग बिल्कुल भी प्रदूषण नहीं करते। यह बात लॉकडाउन के समय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के विवरण से साबित होती है। लेकिन हर बार उद्योग को ही बलि का बकरा बना दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकारी मशीनरी की मानसिकता नहीं बदलेगी, देश में औद्योगिक विकास की गति तेज कर पाना संभव नहीं।

उन्होंने बताया कि आईआईए की तरफ से सरकार को मश्विरा दिया गया है कि उद्योगों के नियंत्रण में निजी क्षेत्र की एजेंसियां लाई जाएं। उनके लिए गाइडलाइन हो, फीस स्ट्रक्चर तय हो। हर कार्य के लिए तीन से चार एजेंसी हो जिससे कि मोनापॉली न हो।

उन्होंने उदाहरण अग्निशमन की एनओसी का दिया। कहा कि यदि इकाई संचालक को कोई एजेंसी मानकों के अनुरूप फिटिंग कराने में मदद करेगी तो हादसे बचेंगे, भ्रष्टाचार थमेगा। जबकि मौजूदा समय में हालात ऐसे हैं कि उद्योग की गलतियां तो बताई जाती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग उनको सही कराने में दिलचस्पी नहीं लेते। वार्ता के दौरान आईआईए के राष्ट्रीय सचिव अमर मित्तल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल, सुनील सिंघल, आगरा चैप्टर अध्यक्ष अंशुल अग्रवाल, विवेक मित्तल, अशोक गोयल, राजीव अग्रवाल, प्रमोद कुमार अग्रवाल, अभिषेक जैन, अमित बंसल, राजेश गोयल, इंदर चंद जैन आदि रहे।

यह दिया है सरकार को सुझाव
आईआईए अध्यक्ष ने बताया कि संस्था की तरफ से सरकार को इंडस्ट्रियल लैंड बैंक विकसित करने को हरियाणा और गुजरात के मॉडल पर काम करने का सुझाव दिया गया है। यहां एक्सप्रेसवे के किनारे सड़क से पांच किलोमीटर दूर एनओसी लैंड चिन्हित किए जाएं। इनमें उद्योग लगाने को प्रेरित किया जाए। फायदा उस गांव को भी मिलेगा।

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