चिकित्‍सा जगत में भारत के नाम जुड़ी हैं कई बड़ी उपलब्‍धियां

कोरोना संकट के बीच भारत मेडिकल सेक्टर की अपनी उपलब्धियों के कारण दुनियाभर का चहेता बन गया है। वो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हों या फिर ब्राजील के राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनार, सभी ने भारत से Hydroxychloroquine टैबलेट की मांग की।
ध्यान रहे कि चिकित्सा के क्षेत्र में हमारे देश का झंडा हमेशा से ऊंचा है। आइए जानते हैं भारत के नाम कैसी-कैसी उपलब्धियां हैं…
टीबी की तेज जांच
ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट, फरीदाबाद के वैज्ञानिक और दिल्ली एम्स ने मिलकर ऐसा सिस्टम विकसित किया जिसमें फेफडों और आसपास के अंगों में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के संक्रमण का पता बहुत जल्दी लगाया जा सकता है। उससे पहले एंटिबॉडीज के इस्तेमाल से संक्रमण का पता लगाया जाता था।
​न्यूरोसर्जरी में कमाल
केईएम हॉस्पिटल, मुंबई के न्यूरोसर्जन डॉक्टर अतुल गोयल ने ऐसी तकनीक ईजाद की जिसे दुनियाभर के डॉक्टरों ने बेसिलर इनवेजिनेशन के इलाज में अपना लिया। बेसिलर इनवेजिनेशन खोपड़ी से संबंधित बीमारी है। डॉक्टर गोयल की तकनीक ने मुंह के जरिए की जाने वाली सर्जरी का स्थान ले लिया।
ग्लू से आंख की सर्जरी
2007 में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया अध्याय तब जुड़ गया जब फिब्रिन ग्लू के इस्तेमाल से आंख की सफल सर्जरी हुई। ग्लू से ही एक व्यक्ति की आंखों के सामने का पूरा भाग ट्रांसप्लांट कर दिया गया।
ऑटिज्म जांच का नया उपकरण
ऑटिज्म के कारण व्यक्ति का मानसिक विकास नहीं होता है। चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ने ऐसा टूल डेवलप किया जिसकी मदद से बच्चों में इस बीमारी की आशंका की जांच शुरुआती स्तर पर ही हो जाती है। चंडीगढ़ ऑटिज्म स्क्रीनिंग इंस्ट्रूमेंट (CASI) नाम का यह टूल ऑटिज्म की स्क्रीनिंग में बेहद मददगार साबित हो रही है।
हमेशा के लिए आंख का रंग बदलने की तकनीक
त्रिची के वासन हेल्थकेयर अस्पताल के डॉक्टर शिबू वर्की ने 2012 में पहली बार देश में किसी व्यक्ति की आंख का रंग हमेशा के लिए बदल दिया। उन्होंने सिलिकन इंप्लांट्स के जरिए ऐसा किया।
डायबिटीज के लिए सर्जरी
डॉ. सुरेंद्र उगाले और डॉ. रमन गोयल ने सर्जरी से डायबिटीज के इलाज का रास्ता साफ कर दिया। इलियल ट्रांसपोजिशन मेथड की इस सर्जरी से डॉक्टर मरीज के पेट के पास की टर्मिनल इलियम शिफ्ट कर देते हैं। इससे अनपचे भोजन की मौजूदगी में इन्सुलीन बनने लगता है।
प्लास्टर ऑफ पेरिस की रीसाइक्लिंग
पुणे की नेशनल केमिकल लैबरेटरी के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक ईजाद की जिससे अस्पतालों से निकलने वाले प्लास्टर ऑफ पेरिस के कचरे की रीसाइक्लिंग की जा सकती है। इस प्रक्रिया में न तो पर्यावरण को नुकसान होता है और न ही इसकी लागत ज्यादा होती है। इस तकनीक से कचरे का शुद्धीकरण करके इसे अमोनियम सल्फेट और कैल्सियम बाइकार्बोनेट जैसे उपयोगी पदार्थों में बदल दिया जाता है। इस तकनीक से जलाशयों में विसर्जित की जाने वाली मूर्तियों को भी नष्ट किया जा सकता है।
दवा बनाने वाली ​भारत की विश्व प्रसिद्ध कंपनियां
सन फार्मा, ल्युपिन, डॉ. रेड्डी, सिप्ला, ऑरबिंदो फार्मा, कैडिला, ग्लेनमार्क, टॉरेंट, मैनकाइंड, बायकॉन, पीरामल, वॉकहार्ट जैसी तमाम कंपनियां हैं जो अपनी बेजोड़ क्वॉलिटी की दवाइयों के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। अमेरिका इन कंपनियों की बनाई दवाइयों का सबसे बड़ा बाजार है। इसके अलावा, रूस, यूके, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्राजील जैसे देश भी भारत में बनी दवाइयां खरीदते हैं।
​मेडिकल टूरिजम का हॉटस्पॉट
भारत का मेडिकल टूरिजम सेक्टर 18% के चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है। इस वर्ष इसके 9 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष ग्लोबल मेडिकल टूरिजम मार्केट में भारत का हिस्सा 18% था और इस वर्ष बढ़कर 20% तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। साल 2017 में 4,95,056 लोग मेडिकल वीजा पर भारत आए थे। दरअसल, लोग इलाज के इलाज के लिए इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें दूसरे देशों के मुकाबले सस्ते में क्वॉलिटी ट्रीटमेंट मिल जाता है। एक अनुमान के मुताबिक भारत में इलाज करवाना 65% से 90% तक सस्ता है।
धन्वंतरि, चरक और सुश्रुत का देश है भारत
भारत प्राचीन काल से ही चिकित्सा क्षेत्र का अग्रणी रहा है। यहां धन्वंतरि से लेकर चरक और सुश्रुत जैसे महान चिकित्सा विशेषज्ञ हुए। आचार्य सुश्रुत को तो शल्य चिकित्सा यानी सर्जरी का जनक ही माना जाता है। ‘सुश्रुत संहिता’ के लेखक सुश्रुत का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व में काशी में हुआ था। इन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की थी। सुश्रुत संहिता को भारतीय चिकित्सा पद्धति में विशेष स्थान प्राप्त है। वहीं, आयुर्वेद के जनक महर्षि चरक कुषाण राज्य के राजवैद्य थे। उनके प्रसिद्ध आयुर्वेद ग्रंथ ‘चरक संहिता’ में रोगनाशक एवं रोगनिरोधक दवाओं का वर्णन है।
-एजेंसियां

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