ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले दिन भारत ने 4 विकेट पर बनाए 303 रन

सिडनी। चेतेश्वर पुजारा के करियर के 18वें और सीरीज के तीसरे शतक व मयंक अग्रवाल के अर्धशतक की बदौलत भारत ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के आखिरी मैच के पहले दिन 4 विकेट पर 303 रन बनाए। दिन का खेल खत्म होने तक पुजारा 130 और हनुमा विहारी 39 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश हेजलवुड सबसे कामयाब गेंदबाज रहे उन्हें दो विकेट मिले। भारत ने आज टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय किया था।
खराब रही भारत की शुरुआत
मेलबर्न टेस्ट से बाहर रहने के बाद वापसी कर रहे राहुल (09) एक बार फिर नाकाम रहे। पहली चार गेंद में से दो उनके बल्ले का किनारा लेकर बाउंड्री तक पहुंची। राहुल हालांकि दूसरे ओवर में ही हेजलवुड की गेंद पर पहली स्लिप में शॉन मार्श को कैच दे बैठे। जनवरी 2018 से विदेशी सरजमीं पर 12 टेस्ट में भारत की यह छठी सलामी जोड़ी थी। इस दौरान विदेशी सरजमीं पर 23 पारियों में सलामी साझेदारी का औसत सिर्फ 21.56 रहा है।
दूसरे छोर पर अग्रवाल ने कर्नाटक के अपने साथी बल्लेबाज राहुल की तुलना में एक बार फिर ठोस बल्लेबाजी की और कुछ अच्छे कवर ड्राइव लगाए। उन्होंने पुजारा के साथ मिलकर रन गति में इजाफा किया। भारत ने पहले घंटे में एक विकेट पर 46 रन बनाए जबकि मौजूदा दौरे पर कम रन गति सामान्य बात रही है। अग्रवाल और पुजारा ने इसके बाद 104 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की।
अग्रवाल जमे और फिर आउट
अग्रवाल ने 77 रन की पारी खेली। लंच के बाद अग्रवाल और पुजारा ने दूसरे विकेट की साझेदारी को 116 रन तक पहुंचाया। दोनों ने लंच के बाद आक्रामक रुख अपनाया और 178 गेंद में 100 रन की साझेदारी पूरी की। अग्रवाल ने 96 गेंद में अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने ऑफ स्पिनर नाथन लायन पर दो छक्के भी मारे। भारत ने लंच के बाद पहले घंटे में 64 रन जोड़े। अग्रवाल शतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन 34वें ओवर में लायन की गेंद को उठाकर मारने की कोशिश में लॉन्ग ऑफ पर मिशेल स्टार्क को कैच दे बैठे। अग्रवाल इस गैरजरूरी शॉट को खेलने के बाद काफी निराश दिखे। उन्होंने 112 गेंद का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के मारे।
पुजारा जमे
कोहली ने हेजलवुड पर चौके के साथ खाता खोला। ऑस्ट्रेलिया ने रन गति कम रखने के लिए नकारात्मक गेंदबाजी का भी सहारा लिया और शॉर्ट गेंद के साथ बल्लेबाज के शरीर को निशाना बनाया। पुजारा पर हालांकि इसका अधिक असर नहीं पड़ा और वह अच्छी लय में दिखे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 134 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने लंच से पहले लेग स्पिनर मार्नस लाबुशेन के ओवर में तीन चौके मारे।
भारत ने जीता टॉस
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन सुबह फिटनेस टेस्ट में नाकाम रहे और मैच से बाहर हो गए। भारत ने टीम में दो बदलाव करते हुए रोहित शर्मा और इशांत शर्मा की जगह राहुल और कुलदीप यादव को मौका दिया। ऑस्ट्रेलिया ने भी दो बदलाव करते हुए आरोन फिंच और मिशेल मार्श की जगह पीटर हैंड्सकोंब और लाबुशेन को अंतिम एकादश में जगह दी। गेंदबाजी की शुरुआत स्टार्क और हेजलवुड की जोड़ी ने की।
ऑस्ट्रेलिया ने गंवाया डीआरएस
ऑस्ट्रेलिया ने 15वें ओवर में डीआरएस गंवाया जब पुजारा के खिलाफ हेजलवुड की अपील को मैदानी अंपायर ने नकार दिया। ऑस्ट्रेलिया ने डीआरएस लिया लेकिन रीप्ले में दिखा कि गेंद बल्लेबाज की जांघ से टकराकर विकेटकीपर के पास पहुंची थी। मेजबान टीम ने शार्ट गेंदबाजी की और बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाया। पुजारा को दो बार गेंद लगी जिसमें से एक गेंद उनके सिर में लगी। कप्तान टिम पेन ने लायोन को 22वें ओवर में पहली बार मौका दिया।
कोहली शॉर्ट बॉल में फंसे
विराट कोहली जब चेतेश्वर पुजारा के साथ मिलकर भारतीय पारी को आगे बढ़ा रहे थे तभी 23 रनों के निजी स्कोर पर वह हेजलवुड की गेंद को पुल करने के प्रयास में लेग स्टंप के बाहर विकेटकीपर टिम पेन के हाथों लपके गए। उन्होंने तीसरे विकेट के लिए पुजारा के साथ मिलकर 54 रन जोड़े।
सस्ते में आउट हुए रहाणे
उपकप्तान अजिंक्य रहाणे एक बार फिर बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वह सिर्फ 18 रन बनाकर स्टार्क की गेंद पर टिम पेन के हाथों कैच हुए। रहाणे की एक शानदार बाउंसर का रहाणे के पास कोई जवाब नहीं था। वह खुद को लाइन से हटा नहीं पाए। गेंद उनके दस्तानों से लगती हुई पेन के पास गई जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
पुजारा का शतक
इस बीच चेतेश्वर पुजारा ने 199 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का 18वां शतक पूरा किया। उन्होंने मिशेल स्टार्क की गेंद पर चौका लगाकर सीरीज में अपनी तीसरी सेंचुरी लगाई। वह ऑस्ट्रेलिया में एक सीरीज में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में सुनील गावसकर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर आ गए हैं। विराट कोहली ने 2014-15 की सीरीज में चार शतक लगाए थे। वहीं सुनील गावसकर ने 1977-78 की सीरीज में तीन शतक लगाए थे। अब मैच के दूसरे दिन भारत को अपनी इस दीवार से उम्मीद होगी कि वह अपने शतक को दोहरे शतक में बदलकर भारत को बड़े स्कोर की ओर लेकर जाएं।
विहारी का आक्रामक अंदाज
मेलबर्न टेस्ट में ओपनिंग करने वाले विहारी एक बार फिर छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। विहारी ने तेजी से रन बनाए। दिन का खेल खत्म होने तक हनुमा विहारी ने पुजारा के साथ की 75 रन की साझेदारी में 39 रन का योगदान दिया। अभी तक उन्होंने 58 बॉलों का सामना किया है और 5 चौके जड़े हैं।
-एजेंसियां

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