90 और देशों को कोराना के लिए जरूरी चीजें भेज रहा है भारत

नई दिल्‍ली। चीन इन दिनों दुनिया भर में कोरोना वायरस से जुड़ी मदद कर रहा है, ऐसे में भारत ने भी इस ओर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
अमेरिका समेत 24 देशों को भारत की ओर से मलेरिया की दवा हाइड्रोक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine tablet) मदद के तौर पर भेजी भी जा चुकी है। अब भारत 52 और देशों में मदद या यूं कहें अनुदान सहायता भेजने की योजना कर रहा है जो लैटिन अमेरिका और कैरिबियन यानी एलएसी (LAC) और अफ्रीका में हैं। चीन ने इन देशों में मदद भी भेजी है और इंटरनेशनल मीडिया भी सिर्फ चीन की ही बात कर रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारत ने अब तक 50 लाख हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट 28 एलएसी देशों को भेजी हैं और 19 अफ्रीकन देशों को सबको 1-1 लाख टैबलेट भेजी हैं। आने वाले कुछ हफ्ते में भी भारत करीब 90 देशों को कोरोना से जुड़ी चीजें मदद के तौर पर भेजेगा। करीब 76 देशों को हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट अनुदान सहायता के रूप में ही भेजी जाएगी। विदेश सचिव हर्ष श्रृंग्ला ने बताया कि कमर्शियल और अनुदान सहायता को देखा जाए तो दोनों के तहत भारत ने करीब 133 देशों को 44.6 करोड़ हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट और 154 करोड़ पैरासिटामोल टैबलेट भेजी हैं।
इन देशों में भेजी जा रही हैं भारत से दवाएं
जिन 24 देशों को हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट दान दी गई हैं, उनमें भारत के पड़ोसी देश नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार, अफगानिस्तान और मालदीव है। एलएसी देशों के लिए 50 लाख टैबलेट भेजने का फैसला किया गया है, जिसमें से पेरू को 9 लाख और वेनेजुएला को 7.4 लाख टैबलेट भेजी जाएंगी। इसके अलावा भारत गौटेमाला को 5 लाख, इक्वाडोर को 4 लाख और क्यूबा, बोलिविया, हैती को 3-3 लाख टैबलेट भेजेगा। अफ्रीका में भारत गिनी बिसाऊ, काबो वेर्दे, नाइजीरिया, लाइबेरिया, बेनिन, मोजाम्बिक, एथिओपिया, मालावी, नामीबिया, केन्या, चाड, सियरा लियोन, कॉन्गो, स्वाजिलैंड, जिम्बाब्वे, सेनेगल, गिनी, गैम्बिया और इक्वाटोरियल गिनी जैसे देशों को हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट दान करेगा।
अब तक चीन भेज रहा है मदद
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘हमने पहले ही करीब 30 लाख हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट 24 देशों को दान दे दी हैं। करीब 70 लाख हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट अब एलएसी देशों और अफ्रीका को दान में दी जाएंगी। सीरिया, किर्गिस्तान, माल्टा और मोलडोवा में भी हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट की सप्लाई करने का प्रस्ताव है।’ बता दें कि पिछले महीनों में चीन ने लेटिन अमेरिका और अफ्रीका में कोरोना से जुड़ी काफी मदद की है, जहां वेंटिलेटर, सर्जिकल मास्क और टेस्टिंग किट की जरूरत थी। कोरोना महामारी ने भारत को भी इन देशों तक अपनी पहुंच बनाने का मौका दिया है।
-एजेंसियां

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