घृणा और हिंसा में फंसी दुनिया के लिए भारत ही उम्मीद की किरण: पीएम मोदी

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि घृणा और हिंसा में फंसी दुनिया को भारत ही उम्मीद की किरण दिखाता है।
पीएम मोदी ने गुरुवार को आईआईएम कोझीकोड में आयोजित ‘ग्लोबलाइजिंग इंडियन थॉट’ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा, ‘दुनिया जब विवेकहीन घृणा, हिंसा से मुक्ति पाने की कोशिश कर रही है, ऐसे में भारतीय जीवनशैली आशा की किरण दिखाती है।’
उन्होंने आगे कहा कि संघर्ष टालने का भारत का तरीका नृशंस बल प्रयोग नहीं, बल्कि बातचीत की शक्ति है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां भी विभिन्न मतों के लिए खुलापन, सम्मान है, वहां नवोन्मेष स्वाभाविक है। भारतीयों की नवोन्मेषी उमंग विश्व का ध्यान भारत की ओर आकृष्ट कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सदियों से भारत की धरती ने दुनिया का स्वागत किया। जहां तमाम सभ्यताएं समृद्ध नहीं हो पाईं, वहीं हमारी सभ्यता फूलती-फलती रही है क्योंकि यहां शांति और सद्भाव मिलता है।
स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का किया अनावरण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघर्षों को बर्बर ताकत के बजाय संवाद की शक्ति से टालना भारतीय शैली है।’ इससे पहले प्रधानमंत्री ने आईआईएम कैंपस में स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी किया।
‘दया, सद्भाव, न्याय, सेवा और खुलापन भारतीय मूल्य’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय विचार गतिशील और विविधता वाला है। उन्होंने कहा कि कुछ आदर्श भारतीय मूल्यों का केंद्रीय बिंदु बने हुए हैं। पीएम ने आगे कहा, ‘ये मूल्य हैं- दया, सद्भाव, न्याय, सेवा और खुलापन।’ उन्होंने कहा, ’20वीं शताब्दी में महात्मा गांधी ने इन्हीं आदर्शों का पालन किया और जिसने भारत की आजादी में भूमिका निभाई। उसी वक्त इन आदर्शों ने बाहर के करोड़ों लोगों को ताकत दी।’
‘भारतीय विचारों के वैश्वीकरण में स्वामी विवेकानंद की भूमिका अहम’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय विचारों के वैश्वीकरण में उनके योगदान को नहीं भूला जा सकता।
उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ संयोग नहीं है कि कि हम ऐसे वक्त भारतीय विचार के वैश्वीकरण पर चर्चा कर रहे हैं जब इसी कैंपस में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को खास जगह मिली हुई है। भारतीय विचार के वैश्वीकरण में स्वामी विवेकानंद के योगदान को भला कौन भूला सकता है।’
-एजेंसियां

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