चीन के साथ हुए सीमा विवाद के बाद से भारत अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है: वायुसेना प्रमुख

हैदराबाद। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ हुए सीमा विवाद के बाद से भारत अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है। इसी के मद्देनजर वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया ने भारत-चीन सीमा पर तनाव के मुद्दे पर कहा कि पिछले साल भी तनाव के मद्देनजर हमारी सेना पूरी तरह मुस्तैद थी और अब पहले के मुकाबले हमारी ताकत में बढ़ोत्तरी हुई है।
उन्‍होंने कहा कि इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड पर चर्चा चल रही है। ताकत बढ़ाने के लिहाज से राफेल और LCA के बाद हमने 2-3 बड़े कदम उठाए हैं, उसमें AMCA का सबसे बड़ा है। 5वीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट जो देश में बनेगा, उसका निर्णय ले लिया गया है। इस काम को DRDO करेगा।
उन्होंने कहा कि 2022 तक वायुसेना में 36 राफेल विमान शामिल कर लिए जाएंगे। इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2022 का है। यह एकदम निश्चित है। कोरोना की वजह से आई रुकावटों की वजह से थोड़ी देर हो सकती है, लेकिन कई विमान समय से पहले भी आ रहे हैं।
सेना की हालात पर पैनी नजर 
उन्होंने बताया कि हालात पर नजदीक से नजर रखी जा रही है। हम सभी जरूरी कार्यवाही कर रहे हैं। अगले चरण के लिए बातचीत भी जारी है। कमांडर लेवल की मीटिंग के प्रपोजल पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा तनावपूर्ण इलाकों से सेना वापसी का भी प्रस्ताव हमारे सामने आया है। पहला प्रयास बातचीत जारी रखने और तनाव कम करने का है। इसे जारी रखते हुए हम आगे बढ़ेंगे।
इलाके से ताकत कम नहीं करेंगे
उन्होंने कहा कि एक साल पहले जब सीमा पर तनाव हुआ था, तो हमने तैनाती की थी। उसके एक साल बाद हमारी ताकत को कम करने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है। इस एक साल में हमने कई जरूरी कदम उठाए हैं और काम किया है। हमारी क्षमता जो एक साल पहले थी, आज उससे कहीं ज्यादा है।
बदलाव के दौर से गुजर रही है वायुसेना
हैदराबाद में वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड (CGP) को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदल रही सुरक्षा चुनौतियों, पड़ोस और अन्य इलाकों में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के मद्देनजर वायुसेना नई-नई टेक्नोलॉजी को तेजी से अपना रही है। वायुसेना परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। हमारे अभियानों के हर पहलू में प्रौद्योगिकियों और लड़ाकू शक्ति का जितनी तेजी से समावेश अब हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ।
-एजेंसियां

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