आगरा में हो सकती है भारत-चीन के बीच उच्चस्तरीय बाउंड्री टॉक

नई दिल्‍ली। भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव को देखते हुए इसे दूर करने के लिए दोनों देशों की कूटनीतिक टीम काम कर रही है। दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करने के लिए सरकार एक उच्चस्तरीय बाउंड्री टॉक आयोजित करने पर विचार कर रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री और स्टेट काउंसलर वांग यी की बैठक हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि यह वार्ता दिल्ली में नहीं आगरा में प्रस्तावित है।
ताज के शहर आगरा में बाउंड्री टॉक
अगर सब कुछ तय समय के अनुसार ही होता है तो वांग 20 दिसंबर को दिल्ली आएंगे और अगले दिन आगरा के लिए रवाना होंगे। भारत और चीन के बीच 22वाीं बाउंड्री टॉक 21 दिसंबर को हो सकती है। इससे पहले चेंगडू में हुए बाउंड्री टॉक में वांग ने डोभाल को माउंट क्विंगचेंग का भ्रमण कराया था। उसके बाद से माना जा रहा था कि अगली बार भारत की ओर से चीन के प्रतिनिधि के लिए आगरा में उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित की जा सकती है। अब दोनों ही पक्षों की ओर से वार्ता की पुष्टि कर दी गई है।
वार्ता के लिए आगरा को चुना गया
सूत्रों का कहना है कि वार्ता के लिए आगरा का चुनाव किया गया है, लेकिन फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की गई है। आगरा को वार्ता के लिए चुनने की वजह है कि बाउंड्री टॉक के लिए ताजमहल को फोटो सेशन के लिए चुना जाए। विशेष प्रतिनिधियों के बीच बाउंड्री टॉक के दौरान कोशिश रहती है कि यह मीडिया की भीड़ से दूर रहे। हालांकि, पिछले कुछ वक्त में इस वार्ता की प्रगति बहुत कम हुई है। इसी साल अगस्त में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी वांग की सीमाओं को लेकर वार्ता हुई थी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मिल सकते हैं वांग
अभी तक दोनों ही पक्षों की ओर से वार्ता को लेकर ज्यादा डिटेल साझा नहीं किया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने वार्ता को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट फाइनल कर ली है।
सूत्रों के अनुसार अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि वांग की मुलाकात विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी होगी या नहीं। कहा जा रहा है कि चीन भारत के विदेश मंत्री के साथ वार्ता को लेकर काफी उत्सुक है।
बाउंड्री टॉक कूटनीतिक तौर पर अहम
डोभाल और वांग के बीच बाउंड्री टॉक कूटनीतिक तौर पर दोनों ही देशों के लिए बहुत अहम है। इस वार्ता के जरिए लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर शांति बनाए रखने के लिए भी यह वार्ता महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही इस साल चेन्नै में अक्टूबर के महीने में पीएम मोदी और चीन के प्रेसीडेंट शी चिन फिंग के बीच हुई अनौपचारिक वार्ता के लिहाज से भी यह खास है।
-एजेंसियां

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