पूर्वोत्‍तर के बिना भारत और भारतीय संस्‍कृति अधूरी है: अमित शाह

नई दिल्‍ली। विश्‍व पर्यटन दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्‍ट 2020’ फेस्‍ट का वर्चुअली उद्घाटन किया। उन्‍होंने कहा कि बिना पूर्वोत्‍तर के, भारत और भारतीय संस्‍कृति अधूरी है। उन्‍होंने कहा क‍ि पूर्वोत्‍तर की संस्‍कृति भारतीय संस्‍कृति का आभूषण है। शाह ने अपनी सरकार के फैसले गिनाते हुए कहा कि ‘पूर्वोत्‍तर में शांति स्‍थापित करना जरूरी था ताकि अर्थव्‍यवस्‍था, पर्यटन और रोजगार पर आगे बढ़ा जा सके। उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर पहले हिंसा, उग्रवाद और बंद के चलते सुर्खियों में रहता था, अब वहां विकास की बातें होती हैं।
‘पूर्वोत्‍तर जैसी खूबसूरती कहीं नहीं’
शाह ने कहा कि उन्‍होंने भारत के कई पर्यटन स्‍थल घूमे हैं, लेकिन पूर्वोत्‍तर जैसी बात कही नहीं है। उन्‍होंने कहा, “पूर्वोत्‍तर के बिना भारत और भारतीय संस्‍कृति अधूरे लगते हैं। भारतीय संस्‍कृति को तबतक पूर्ण नहीं समझा जा सकता जबकि उसमें पूर्वोत्‍तर की संस्‍कृति शामिल न हो जाए क्‍योंकि पूर्वोत्‍तर की संस्‍कृति भारतीय संस्‍कृति का मुकुट है।”
‘पिछले 6.5 साल में बदली नॉर्थ-ईस्‍ट की सूरत’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों में अव्‍यवस्‍था को दूर कर शांति बहाल करने की कोशिशें की गई हैं। उन्‍होंने कहा, “अर्थव्‍यवस्‍था, पर्यटन और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूर्वोत्‍तर में शांति सुनिश्चित करना जरूरी था। पिछले साढ़े छह सालों में, जो पूर्वोत्‍तर उग्रवाद, हिंसा, बंद को लेकर सुर्खियों में रहा करता था, वहां पर विकास, इंडस्‍ट्रीज, ऑर्गन‍िक फार्मिंग और स्‍टार्टअप्‍स की बात हो रही है।”
खास दिन पर शुरू हुआ खास कार्यक्रम
‘Destination North East-2020’ हर साल होने वाला कार्यक्रम है। इसका मकसद देश के बाकी राज्‍यों को पूर्वोत्‍तर की खास संस्‍कृति से न सिर्फ रूबरू कराना है, बल्कि उसे और पास लाना है ताकि राष्‍ट्रीय भावना मजबूत हो। इस साल के लिए ‘उभर रहीं खूबसूरत जगहों’ को थीम बनाया गया है। यह कार्यक्रम मुख्‍य रूप से पर्यटन को प्रमोट करता है। आज संयोग से विश्‍व पर्यटन दिवस भी है।
-एजेंसियां

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