मंगलवार को भी जारी है गहलोत के करीबियों पर आयकर की रेड

नई दिल्‍ली। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्युटी सीएम सचिन पायलट के बीच सियासी खींचतान के चलते आयकर विभाग की टीम ने देश के अलग-अलग शहरों में छापेमारी की है।
जिन ठिकानों पर रेड की गई है उनका संबंध कांग्रेस नेताओं से बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इसमें सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के करीबी भी शामिल हैं। कथित टैक्स चोरी के मामले में आईटी की टीम ने जयपुर, कोटा, दिल्ली, मुंबई में कार्यवाही की है। सोमवार से शुरू हुई कार्यवाही आज मंगलवार को भी जारी है। इनकम टैक्स की टीम ने लोकप्रिय ज्वेलरी चेन समेत तीन व्यापारिक प्रतिष्ठानों के 43 परिसरों पर रेड की है।
आयकर विभाग की बड़ी कार्यवाही
लगातार दूसरे दिन कार्यवाही करते हुए आयकर की टीम ने अब तक जयपुर में 20, कोटा में छह और दिल्ली के आठ , मुंबई में 9 जगह छापे मारे हैं। इन छापों की कार्यवाही को मुख्य रूप से कोटा और जयपुर से जोड़कर देखा जा रहा है। जहां जयपुर में अजमेरा नाम के व्यवसायी के ठिकानों पर आईटी की टीम ने कार्यवही की है। वहीं इसके साथ ही कोटा में आयकर विभाग की 6 टीमों ने नामी ओम कोठारी ग्रुप के चार ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवही की है।
अशोक गहलोत के बेटे वैभव के करीबियों पर शिकंजा
आयकर विभाग ने एक लग्जरी होटल में भी छापेमारी की है, जिसका शेयरधारक आरके शर्मा नाम का कारोबारी है। बताया जाता है कि शर्मा के संबध राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से हैं। मॉरीशस से कथित तौर पर भेजी गई 96 करोड़ रुपये की रकम में विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी शर्मा की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कुछ दिन पहले ईडी ने भी कुछ लोगों से पूछताछ की थी।
छापेमारी में क्या-क्या मिला, जानिए
देशभर में जारी छापेमारी को लेकर जांच अधिकारियों ने बताया कि आम्रपाली ज्वेलर्स के परिसरों पर छापे मारे। इसके मालिक राजीव अरोड़ा हैं, जो राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं। साथ में ओम मेटल्स इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर भी छापा मारा गया है। माना जाता है कि इसके प्रवर्तक राज्य में कांग्रेस नेताओं के करीबी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र राठौड़ के परिसरों की भी तलाशी ली गई है। सीबीडीटी ने किसी भी समूह का नाम नहीं लिया है, लेकिन छापेमारी के कारण बताए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कार्यवाही में कई तरह के कागजात, डायरी, डिजिटल डेटा के रूप में कई सबूत मिले हैं। जिसमें नकद में सोने-चांदी की खरीद, संपत्तियों में नकद का निवेश समेत कई दूसरे संकेत मिले हैं।
सीबीडीटी ने बताया, क्यों की जा रही छापेमारी
सीबीडीटी की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि एक समूह होटल, पनबिजली परियोजनाएं, मेटल और ऑटो क्षेत्र जैसे कई कारोबारी गतिविधियों में शामिल है। यह संदेह है कि उसने इन गतिविधियों से अर्जित बेहिसाब आय को रीयल स्टेट में निवेश किया है। बयान में बताया गया कि दूसरा समूह सोने-चांदी के जेवरात के व्यापार और चांदी के प्राचीन सामान के कारोबार में शामिल है और ब्रिटेन और उसके अमेरिका समेत अलग-अलग देशों में सहयोगी कारोबार हैं और उन देशों में संपत्तियां और बैंक खाते हैं।
विभाग ने ग्रुप के कई दस्तावेज किए जब्त
ओम मेटल्स इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटिड के दक्षिण दिल्ली के साकेत और राजस्थान के कोटा स्थित परिसरों की तलाशी ली गई है। कंपनी हाइड्रो मैकेनिकल उपकरणों से जुड़ा काम करती है और उसे 2018 में राजस्थान में बांध निर्माण के संबंध में ठेका दिया गया था। फिलहाल आयकर विभाग के अधिकारी कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं जबकि सूत्रों के मुताबिक विभाग ने ग्रुप के कई दस्तावेज जप्त किए हैं। बताया जा रहा है कि इस कार्यवाही का खुलासा आयकर विभाग जयपुर में करेगा। आयकर विभाग की छापामार सर्वे की कार्रवाई कब तक चलेगी इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *