वाराणसी में पीएम मोदी ने लोगों से ‘राष्ट्र निर्माण’ का संकल्‍प लेने को कहा

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंच गए हैं। दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद दूसरी बार वाराणसी पहुंचे नरेंद्र मोदी शैव समुदाय से जुड़े जंगमवाड़ी मठ पहुंचे।
यहां पर उन्होंने कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से आए लोगों और संतों को संबोधित करते हुए तमिल, मराठी, कन्नड़ और हिंदी में अपनी बात रखी।
उन्होंने लोगों से संकल्प लेने को कहा कि वे अपने आचरण और विचार से राष्ट्र निर्माण का काम करेंगे। पीएम मोदी ने शैव समुदाय और सतों की भी जमकर तारीफ की।
इसके बाद उन्‍‍‍‍‍‍‍‍होंने चंदौली के पड़ाव में पंडित दीन दयाल उपाध्याय की 63 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। पीएम मोदी ने वाराणसी में लगभग 1200 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने काशी से महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर को जोड़ने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस को भी झंडी दिखाई। आपको बता दें कि पिछले छह सालों में यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 22वां वाराणसी दौरा है।
जंगमवाड़ी मठ में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
आइए हम संकल्प लें कि देश के निर्माण में हर संभव प्रयास करेंगे। कन्नड़, मराठी, हिंदी और तेलुगू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी अपनी बात। राम मंदिर का विषय दशकों से अदालतों में उलझा हुआ था। अब मंदिर निर्माण का रास्ता हो चुका है। सरकार ने ट्रस्ट के निर्माण की घोषणा की है, जो मंदिर निर्माण का कार्य देखेगा। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ा एक और बड़ा फैसला किया गया है। 67 एकड़ अदिग्रहीत जमीन भी ट्रस्ट को ही ट्रांसफर कर दी जाएगी।
स्वदेशी खरीदने के लिए पीएम मोदी ने किया आह्वान
नमामि गंगे के तहत 7000 करोड़ की लागत से काम पूरा हुआ है। 21 हजार करोड़ की लागत से चल रहे प्रॉजेक्ट्स का काम प्रगति पर है। इसमें जनभागीदारी का बहुत बड़ा सहयोग रहा है। भारत में बने सामान को सम्मान देना हमारा लक्ष्य है। मैंने लालकिले से कहा था कि स्वदेशी खरीदेंगे और आसपास के लोगों को भी प्रेरित करेंगे। भारत में वैश्विक स्तर के उत्पाद बन रहे हैं। हमें ‘इंपोर्टेड श्रेष्ठ है’ की सोच को बदलना है।
जनभागीदारी पर पीएम मोदी ने दिया जोर
हमें पानी की बचत पर ध्यान देते हुए भारत को ‘सूखा मुक्त और जलयुक्त’ बनाने के लिए हर भारतीय को योगदान देना है। सिर्फ सरकारों के माध्यम से यह नहीं हो सकता है। जनभागीदारी आवश्यक है। नागरिकों के संस्कार से बनता है। कर्तव्यभावना नागरिक को श्रेष्ठ बनाती है। हमारा आचरण ही नए भारत की दिशा को तय करेगा। वीर शैव संतों ने तो सदियों से धर्म की शिक्षा कर्तव्य से ही दी है।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत के मार्गदर्शक हैं धाम’
भक्ति से मुक्ति का मार्ग दिखाने वाले संदेश को युवाओं तक पहुंचाना चाहिए। यह नया ऐप युवा पीढ़ी को जोड़कर प्रेरणा देगा। मेरा मानना है कि हर साल ग्रंथ के विषय में क्विज कंपटीशन होना चाहिए। हर साल हर राज्य के तीन विजेताओं को पुरस्कार भी देना चाहिए। इसीलिए इसका अनुवाद 19 भाषाओं में किया गया है। मानवता का महान संदेश वीर शैव समुदाय से जुड़ा हुआ है। सामाजिक प्रगति में इस परंपरा का प्रखर नेतृत्व रहा है। सारे धाम, ज्योतिर्लिंग और शैप पीठ आस्था और आध्यात्म के केंद्र होने के साथ-साथ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के मार्गदर्शक हैं।
पीएम मोदी ने किया शैव समुदाय और संतों का स्वागत
‘सर्वेषाम स्वागतम’ बोलकर प्रधानमंत्री मोदी ने किया सबका स्वागत। ‘कथमस्ति भवन’ बोलकर पीएम मोदी ने वाराणसी में शैव संतों और समुदाय के लोगों का स्वागत किया।
चंदौली के दीन दयाल उपवन में पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन
‘हर-हर महादेव’ के नारे से साथ पीएम मोदी ने की संबोधन की शुरुआत। पीएम मोदी ने होली, एकादशी और महाशिवरात्रि की बधाई अवधी में दी।
महाकाल के आशीर्वाद से हम वे फैसले लेने में सक्षम हुए, जो लंबे समय से रुके हुए थे। आर्टिकल 370 हो या तीन तलाक हो, हमने तमाम दबावों के बाद भी ऐसे फैसले लिए। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि महाकाल के आशीर्वाद से लिए गए इन फैसलों पर आगे भी कायम रहेंगे।
आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी पंडित दीन दयाल की यह प्रतिमा। यहां बनाया गया उपवन भी लोगों के लिए प्रेरणा स्थली के रूप में है। उनकी आत्मा हमें निरंतर आशीर्वाद देती है क्योंकि हम समाज दे दलित, पीड़ित, शोषित वर्ग के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने हमें अंत्योदय का मार्ग दिखाया था। यानी समाज के आखिरी पंक्ति के व्यक्ति का उदय। जो आखिरी पायदान पर है, उसे पहले पायदान पर लाने के लिए काम हो रहा है। हर क्षेत्र में विकास के अभूतपूर्व काम हो रहे हैं।
25 हजार करोड़ की योजनाओं पर काम जारी
शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति से जुड़े इन कार्यों के लिए मैं वाराणसी और पूर्वांचल के लोगों को बधाई देता हूं। पिछले कुछ सालों में वाराणसी में लगभग 25 हजार करोड़ की योजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं, या काम जारी है। यह सब महादेव की इच्छा है, बाबा भोले का ही आशीर्वाद है। बाबा ने हमें इसकी जिम्मेदारी दी है। चौकाघाटा-लहरतारा फ्लाइओवर बन जान से जाम की समस्या खत्म होगी। 16 सड़कें बनाई गईं, उनका भी लोकार्पण हुआ है। इनसे यात्रियों को बहुत लाभ होगा। कनेक्टिविटी के ये काम आपके आराम के साथ-साथ रोजगार को भी जन्म देंगी। पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा।
आस्था से जुड़े स्थलों पर लगातार काम कर रहे हैं
काशी विश्ननाथ कॉरिडोर के अन्नक्षेत्र का लोकार्पण किया गया है। अब भक्तों के भोजन में कमी नहीं आएगी। जल्द ही विश्वनाथ धाम नए रूप में दिखाई देगी। इसी तरह से अयोध्या में राम मंदिर पर जल्द ही काम शुरू होगा। देशभर में आस्था से जुड़े स्थलों के विकास के लिए काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज बाबा विश्वनाथ को ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर से जोड़ने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई।
शिक्षा के अलावा चिकित्सा के क्षेत्र में भी काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है वाराणसी। उन बीमारियों का इलाज भी यहां हो रहा है, जिसके लिए बहुत दूर जाना पड़ता था। सिर्फ 21 महीने में 430 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। मेडिकल कॉलेज के लिए मैं योगी जी और उनकी टीम को बहुच-बहुत बधाई देना चाहता हूं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से ज्यादा हिस्सा छोटे-छोटे शहरों के खाते में जाएगा। पूर्वांचल समेत कई जगहों पर कई फैक्ट्रियां यूपी में पिछले कुछ सालों में लगी हैं।
नरेंद्र मोदी ने काशी-महाकाल एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी
काशी, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंगों को जोड़ने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई हरी झंडी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन को पीएम मोदी ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिखाई हरी झंडी। 20 तारीख से चलेगी काशी-महाकाल एक्सप्रेस।
-एजेंसियां

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