ब्रिटेन में राहुल गांधी से पूछा, आपके पास “गांधी” सरनेम के अलावा और क्या है ?

नई दिल्‍ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अक्सर इस बात आलोचना का सामना करना पड़ता है कि उनके पास एक संपन्न पृष्ठभूमि के अलावा कुछ नहीं है. ब्रिटेन में भी इस सवाल ने राहुल का पीछा किया. यहां राहुल गांधी से सवाल किया गया कि उनके पास गांधी सरनेम के अलावा और क्या है? इस पर राहुल ने कहा कि उन्हें सुने बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए. उन्होंने ब्रिटेन के पत्रकारों से कहा कि उनकी ‘क्षमता’ के आधार पर उनके बारे में कोई राय बनानी चाहिए, ना कि उनके परिवार की ‘निंदा’ कर के.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘आखिर में यह आपकी इच्छा है. क्या आप मेरे परिवार की निंदा करेंगे या आप मेरी क्षमता के आधार पर मेरे बारे में कोई राय बनाएंगे… यह आपकी पसंद है. यह आप पर निर्भर करता है, मुझ पर नहीं.’
ब्रिटेन यात्रा पर गए राहुल गांधी ने कहा कि ‘मेरे पिता के प्रधानमंत्री बनने के बाद से मेरा परिवार सत्ता में नहीं रहा. यह चीज भूली जा रही है.
राहुल ने कहा ‘दूसरी बात, ‘हां, मैं एक परिवार में पैदा हुआ हूं… मैं जो कह रहा हूं उसे सुनें, मुद्दों के बारे में मुझसे बात करें, विदेश नीति, अर्थशास्त्र, भारतीय विकास, कृषि पर, खुलेआम और स्वतंत्र रूप से मुझसे बात करें. मुझसे जो भी प्रश्न पूछना चाहते हैं, वह पूछें और फिर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मैं क्या हूं.’
भाजपा और आरएसएस पर अपने हमले को तेज करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे जनवादी नेताओं का समर्थन इसलिए करते हैं क्योंकि वे नौकरी नहीं होने को लेकर गुस्से में हैं.
भारतीय पत्रकारों के संघ से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि समस्या के समाधान की बजाए ये नेता उस गुस्से को भुनाते हैं और देश को नुकसान पहुंचाते हैं.

प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर राहुल ने कहा, मैं ऐसे सपने नहीं देखता
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लंदन में भारतीय पत्रकारों से बातचीत में खुद को भारत के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखने के सवाल पर जवाब दिया है कि ‘मैं यह सपना नहीं देखता’. मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लड़ने वाले के तौर पर देखता हूं.
लंदन में भारतीय पत्रकारों के एक संघ से बातचीत में राहुल गाँधी ने कहा ‘मैं (राहुल गांधी) इस तरह (प्रधानमंत्री बनने) के सपने नहीं देखता. मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लड़ने वाले के तौर पर देखता हूं और यह बदलाव मेरे अंदर 2014 के बाद आया. मुझे महसूस हुआ कि जिस तरह की घटनाएं देश में हो रही है, उससे भारत और भारतीयता को खतरा है. मुझे इससे देश की रक्षा करनी है.’
बता दें कि इसी साल मई में राहुल गांधी से जब पूछा गया कि यदि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़े दल के तौर पर उभरती है, तो क्या वे प्रधानमंत्री बनेंगे, तब उन्होंने जवाब दिया ” हां क्यों नहीं.”
2019 में गठबंधन के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवालों पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा ‘नेतृत्व पर चुनाव के बाद बातचीत (विपक्षी दलों के बीच) होगी. जब हम बीजेपी और आरएसएस को पीछे छोड़ेंगे.’ राहुल ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा विपक्ष के सभी नेता इस बात को लेकर एकमत हैं कि आरएसएस देश के संस्थागत ढ़ांचे के लिए खतरा है..वे चरणबद्ध तरीके से संस्थाओं पर हमले कर रहे हैं और वहां अपने लोगों की नियुक्त करा रहे हैं.’
वहीं लंदन में ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री यह कहकर हर एक भारतीय का अपमान करते हैं कि पिछले 70 वर्ष में कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ‘भारत, विश्व को भविष्य दिखाता है. भारत के लोगों ने इसे मुमकिन किया और इसमें कांग्रेस ने मदद की है’ बता दैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों जर्मनी और इंग्लैंड के दौरे पर हैं, आज लंदन में उनका आखिरी दिन था. जिसके बाद वे स्वदेश वापस आ जाएंगे.
-एजेंसी

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