इमरान ने बहुमत हासिल करने के लिए ISI का इस्‍तेमाल किया: मरियम नवाज

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान विश्‍वासमत हासिल करने के बाद भी विवादों में घिर गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पीएमएल-एन की नेता मरियम नवाज शरीफ ने आरोप लगाया है कि इमरान खान ने बहुमत हासिल करने के लिए खुफिया एजेंसी ISI का इस्‍तेमाल किया। उन्‍होंने कहा कि खुफिया एजेंसी ने दो सांसदों को 4 घंटे तक कंटेनर के अंदर बंद रखा और उन्‍हें इमरान के समर्थन में वोट देने के लिए बाध्‍य किया।
मरियम ने आरोप लगाया कि सरकार के सांसद उनकी पार्टी के साथ संपर्क में थे और खुफिया एजेंसी ने शनिवार को इमरान खान के विश्‍वास मत हासिल करने से पहले लोगों को गायब कर दिया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान के अंदर कोई कानूनी, संवैधानिक, राजनीतिक या नैतिक मूल्‍य नहीं बचा है। उन्‍होंने सरकार से सवाल किया कि जिन सांसदों ने दो दिन पहले यूसुफ रजा गिलानी को वोट दिया था, उन्‍होंने अचानक कैसे मन बदल लिया।
342 सदस्यीय निचले सदन में 178 सदस्यों का समर्थन हासिल किया
इससे पहले राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के निर्देश पर बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान खान ने संसद के 342 सदस्यीय निचले सदन में 178 सदस्यों का समर्थन हासिल किया। विश्वास मत की प्रक्रिया विपक्ष की मौजूदगी के बगैर हुई क्योंकि 11 दलों के गठबंधन-पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम)– ने मतदान का बहिष्कार किया था। मरियम नवाज ने पिछले दिनों कहा कि खान के दिन अब गिनती के बचे हैं।
मरियम ने कहा, ‘अब यह बस समय की बात है कि वह कब जाते हैं।’ उन्होंने खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के ‘उपद्रवियों’ द्वारा पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब, पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी और पूर्व गृह मंत्री अहसन इकबाल समेत अन्य नेताओं के साथ बदसलूकी को लेकर भी उन पर निशाना साधा था। मरियम ने कहा, ‘मेरा सिर यह देखकर फख्र से ऊंचा हो गया कि आपने कैसे भाड़े के कुछ दर्जन गुंडों का मुकाबला किया और उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया।’
‘एजेंसियों द्वारा रात भर सदस्यों के घरों पर नजर रखी जा रही थी’
वहीं पीडीएम के प्रमख मौलाना फजलुर रहमान ने ने कहा है कि इस विश्वास मत का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह एक विश्वास मत नहीं था। हम जानते हैं कि किन एजेंसियों द्वारा रात भर सदस्यों के घरों पर नजर रखी जा रही थी। (हम जानते हैं) किसने प्रत्येक सदस्य की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये उनके दरवाजों पर दस्तक दी।’ उनका संदर्भ उन खबरों को लेकर था जिनमें कहा गया था कि सरकार ने अपने सदस्यों को इस्लामाबाद में लॉज में कड़ी निगरानी में रखा था जिससे शक्ति परीक्षण के दौरान वे सभी संसद में मौजूद रहें।
-एजेंसियां

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