इमरान खान ने शेयर कीं Kartarpur गलियारे की तस्वीरें, कैप्टन अमरिंदर को मंशा पर शक

Kartarpur-Galiyara
Kartarpur-Galiyara

नई दिल्‍ली। Kartarpur गलियारे के नौ नवंबर को होने वाले उद्घाटन से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को Kartarpur परिसर और गुरुद्वारा दरबार साहिब की कुछ शानदार तस्वीरें साझा कीं और कहा कि आस्था का यह केन्द्र गुरु नानक देव की 550वीं जयंती पर सिख श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार है।
गौरतलब है कि Kartarpur गलियारे का उद्घाटन नौ नवंबर को होना है ऐसे में खान ने ट्विटर पर तस्वीरें साझा करके पवित्र स्थान की एक झलक दी है। उन्होंने ट्वीट किया कि ‘सिख श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार है Kartarpur।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने निर्माणकार्य वक्त पर पूरा करने के लिए अपनी सरकार को बधाई दी।
खान ने ट्वीट किया कि ‘गुरु नानक जी के 550वीं जयंती पर्व के लिए करतारपुर को रिकॉर्ड समय में तैयार करने के लिए मैं अपनी सरकार को बधाई देना चाहता हूं।’
ऐसा माना जा रहा है कि ऐसा करके खान धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने यहां आने के इच्छुक सिख श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की शर्त को समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही Kartarpur गलियारे के उद्घाटन और गुरुनानक देव की 550वीं जयंती के दिन पाकिस्तान द्वारा लिया जाने वाला 20 अमेरिकी डालर (करीब 1400 रुपये) का शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
Kartarpur गलियारे का उद्घाटन ऐसे वक्त में हो रहा है जब राजधानी इस्लामाबाद में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं और उनके नेता मौलाना फजलुर रहमान खान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने पाकिस्तान के Kartarpur में रावी नदी के किनारे स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारे में अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे। यह गलियारा पंजाब के गुरदासपुर में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है।
कॉरिडोर खोलना ISI का एजेंडा हो सकता है: कैप्टन अमरिंदर
उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनको पाकिस्तान की मंशा पर अब भी शक है क्‍योंकि कॉरिडोर खोलना ISI का गहन एजेंडा हो सकता है।
कैप्टन ने कहा, बाकी सिखों की तरह वह भी श्री Kartarpur साहिब गुरुद्वारा में नतमस्तक होने की सोचकर बहुत खुश हैं। यह हमारी अरदास का हमेशा ही हिस्सा रहा है।
इसका उद्देश्य जनमत-संग्रह 2020 के लिए सिख भाईचारे को प्रभावित करना है, जिसे सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के अंतर्गत बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पूरी तरह सक्रिय और चौकस हैं।
उन्होंने पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत करने के खिलाफ भारत सरकार को चेतावनी दी क्योंकि हाल ही में पंजाब में ISI की सरगर्मियां विशेष तौर पर नोट की गई हैं, जिनके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने यह विचार प्रकट किए हैं।
समारोह का आयोजन सरकार को करने दें: कैप्टन
कैप्टन ने करतारपुर कॉरिडोर का सियासीकरण करने की तीखी आलोचना की, जो सिख पंथ के महान संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी की विचारधारा के विरुद्ध है और जिनका 550वां प्रकाश पर्व मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समूचे मुद्दों का संकुचित राजनीतिक हितों के मद्देनजर सियासीकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर राजनीति को एक तरफ रख देना चाहिए और यह महान समारोह आयोजित करने का काम राज्य सरकार पर छोड़ देना चाहिए, जिस तरह पिछले मौकों के दौरान ऐसी प्रथा चलती रही है।
-एजेंसियां

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