कोविड की दूसरी लहर का प्रभाव, ऑनलाइन शॉपिंग 11 फीसदी कम

नई दिल्‍ली। कोविड 19 की दूसरी लहर का असर ई-कॉमर्स मार्केट पर भी पड़ा है। पिछले साल मध्य मई में जब राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन हटा था और सामान की डिलीवरी की अनुमति मिली थी तो ऑनलाइन ऑर्डर्स में लगभग तुरंत उछाल आया था। इस साल पिछले कई सप्ताह से ई-कॉमर्स बाजार पर भी महामारी की दूसरी लहर का प्रभाव दिख रहा है और इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स के बीच रिकवरी को लेकर अनिश्चितता है।
ई-कॉमर्स सॉल्युशंस प्रोवाइडर यूनीकॉमर्स के डाटा के मुताबिक अप्रैल में एक माह पहले के मुकाबले ऑनलाइन शॉपिंग में 11 फीसदी की गिरावट आई।
एग्जीक्यूटिव्स के मुताबिक महामारी की दूसरी लहर ने नॉन एसेंशियल सेगमेंट्स में शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में कंज्यूमर डिमांड को प्रभावित किया है।
फैशन व एक्सेसरी की बिक्री 22% गिरी
मांग में सुधार की उम्मीद इस अनुमान की वजह से है कि ग्राहक ऑफलाइन दुकानों और मॉल से बचना जारी रखेंगे। यूनिकॉमर्स का डाटा दर्शाता है कि फैशन व एक्सेसरी की बिक्री अप्रैल में 22 फीसदी गिरी जबकि आईवियर और एक्सेसरी की बिक्री में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। केवल एफएमसीजी व एग्री और हेल्थ व फार्मा ऐसे सेगमेंट रहे, जिनमें बिक्री क्रमश: 33 फीसदी और 18 फीसदी बढ़ी।
कन्सल्टिंग कंपनियां और विश्लेषक ई-कॉमर्स के लिए इस साल के सालाना ग्रोथ आउटलुक की समीक्षा कर रहे हैं। इस साल नॉन मेट्रो मार्केट्स में बिक्री ज्यादा प्रभावित हो रही है, जो चिंता का विषय है। 2020 में महामारी का असर काफी हद तक देश के बड़े शहरों तक सीमित रहा था।
पिछले साल ई-कॉमर्स मार्केट लगभग 30% बढ़ा
Ecom एक्सप्रेस के को-फाउंडर और सीईओ टीए कृष्णन का कहना है कि लॉकडाउन हटने के बाद पिछले साल ऑनलाइन ऑर्डर्स में इजाफा देखने को मिला। ई-कॉमर्स के जरिए एवरेज डेली शिपमेंट 50-55 लाख रहा। अभी यह आंकड़ा 40-45 लाख है। Kearney के मुताबिक पिछले साल ई-कॉमर्स मार्केट लगभग 30 फीसदी बढ़ा। अगर ग्रामीण बाजारों में मांग में गिरावट बनी रही तो ई-कॉमर्स मार्केट की रफ्तार धीमी पड़कर 15-20 फीसदी रह सकती है।
-एजेंसियां

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