ICAI का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, CA परीक्षाएं नवंबर 2020 तक के ल‍िए रद्द

नई द‍िल्ली। ऑप्ट-आउट स्कीम को चुनौती देने वाली याचिका पर इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ( ICAI ) के वकील ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया। ये दलील ICAI द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर किया गया है जिसमें यह कहा गया है कि 29 जुलाई से शुरू होने वाली परीक्षाएं अब COVID-19 महामारी के मद्देनज़र नवंबर की परीक्षाओं में विलय कर दी जाएंगी।

ICAI ने कहा था, “उपरोक्त घटनाक्रमों की समीक्षा और अपने छात्रों और उनकी भलाई के हित को सुनिश्चित करने के लिए, संस्थान ने मई 2020 की परीक्षाओं को रद्द करने और नवंबर 2020 की परीक्षाओं के लिए मई 2020 के प्रयास को विलय करने का फैसला किया है, जिसमें शुल्क भुगतान और छूट सहित सभी लाभ पहले से ही छात्रों के लिए उपलब्ध है।”

पिछली सुनवाई में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अखिल भारतीय स्तर पर तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में COVID-19 मामलों में बढ़ोतरी के कारण 29 जुलाई से शुरू होने वाली CA परीक्षा आयोजित करने में परिचालन संबंधी कठिनाइयां आ रही हैं।

ICAI की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रामजी श्रीनिवासन ने जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए परीक्षा केंद्रों से संपर्क करने के लिए समय मांगा था और ऑप्ट-आउट योजना ‘को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई स्थगित करने की मांग की थी।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 29 जून को जोर देकर कहा था कि ICAI को कोविद -19 महामारी की स्थिति को देखते हुए 29 जुलाई से 16 अगस्त के बीच होने वाली CA परीक्षाओं के लिए ‘ऑप्ट-आउट’ योजना के साथ लचीला होना चाहिए।

जस्टिस एएम खानविलकर , जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने इस संबंध में नए सिरे से अधिसूचना जारी करने को कहा था।

याचिकाकर्ता के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि ICAI ने घोषणा की है कि वह 29 जुलाई से 16 अगस्त के बीच मई 2020 चक्र चार्टर्ड एकाउंटेंट्स परीक्षा आयोजित करेगा। 15 जुलाई को, ICAI ने सूचित किया कि छात्र ‘ऑप्ट-आउट’ विकल्प का लाभ उठा सकते हैं, जिसके अनुसार उनके प्रयास को रद्द माना जाएगा, और वे नवंबर में निर्धारित परीक्षा में भाग लेने में सक्षम होंगे। इसे याचिकाकर्ता द्वारा अत्यधिक भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया गया है।

ICAI ने पीठ को बताया था कि ऑप्ट-आउट चुनने की सीमित खिड़की को परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या के संबंध में निश्चितता की भावना के साथ रखा गया था लेकिन पीठ ने कहा था कि महामारी की स्थिति लगातार बदल रही है और प्रतिबंधित क्षेत्र हमेशा बदल रहे है।

पीठ ने कहा था कि छात्रों के लिए किसी भी सीए परीक्षा को कठिन नहीं बनाया जाना चाहिए। आप ( ICAI) एक पेशेवर निकाय हैं। अपने छात्रों का ध्यान रखें। पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक बार जब ऑप्‍शन आउट करने का विकल्‍प अंतिम पेपर तक खुला रखा जाता है, तो कोई अन्य तार्किक चिंता प्रासंगिक नहीं होगी।

पीठ ने यह भी कहा था कि परीक्षा तिथि से पहले अंतिम सप्ताह तक केंद्र को बदलने का विकल्प खुला होना चाहिए।

इंडिया वाइड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि “ऑप्ट-आउट” विकल्प इस तथ्य के कारण छात्रों के खिलाफ भेदभाव करता है कि कुछ छात्र जो देश के दूरदराज के क्षेत्रों में रह रहे हैं या वर्तमान में प्रतिबंध क्षेत्रों में रहने बाध्य हैं, “ऑप्ट-आउट” विकल्प चुनें और इस प्रकार उक्त परीक्षा देने के “एक अनमोल परीक्षा प्रयास” को खो दें।यह, यह दलील दी गई कि राज्य यह सुनिश्चित करें कि संक्रमण के जोखिम को कम किया जाए और छात्रों को परीक्षाओं में भाग लेने के लिए लंबी दूरी तय ना करनी पड़े।

इसके अतिरिक्त, याचिकाकर्ता ने उन छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन और मुफ्त आवास के लिए प्रार्थना की थी जो अपने संबंधित परीक्षा केंद्रों के करीब नहीं हैं और अनावश्यक उत्पीड़न” से बचाने के लिए ऐसे छात्रों को जारी किए जाने वाले “ई-एडमिट कार्ड” को परीक्षाओं के दौरान नियमन / प्रतिबंधित क्षेत्रों में ऐसे बेरोकटोक आवाजाही के लिए ई-पास के रूप में माना जाए।”

इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने उन केंद्रों के लिए अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों के लिए प्रार्थना की है जिनके कंटेनमेंट ज़ोन में जाने की संभावना है।

“उन छात्रों के मुफ्त चिकित्सा उपचार के लिए विशिष्ट MHA दिशानिर्देशों को बनाने और कार्यान्वयन की आवश्यकता है, जो परीक्षा के दौरान COVID19 से संक्रमित हो सकते हैं”

“सभी छात्र / उम्मीदवारों और परीक्षा केंद्रों पर तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों का भी निशुल्क COVID-19 टेस्ट होना चाहिए” तथा “प्रत्येक ऐसे अभ्यर्थी / छात्र को परीक्षा केंद्र चुनने के लिए नए विकल्प प्रदान करें, उक्त परीक्षा केंद्रों की संख्या में वृद्धि कर, इस पक्षपात के बिना कि उसने पहले से ही 15.06.2020 / 20.06. 2020 की महत्वपूर्ण घोषणाओं के तहत पहले ही केंद्र चुन लिया है।

अंत में एक वैकल्पिक प्रार्थना भी की गई क‍ि “एक वैकल्पिक प्रार्थना के रूप में,याचिकाकर्ता आगे प्रार्थना कर रहा है कि यदि पूर्वोक्त COVID -19 सुरक्षा उपायों का पालन करना उत्तरदाताओं द्वारा संभव नहीं है, तो उत्तरदाता संख्या 1 ICAI को परीक्षा को तत्काल स्थगित कर COVID-19 संकट के बाद सामान्य हालत होने पर किसी भी बाद की अवधि में करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए।”
– एजेंसी

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