मुझे एस्पर्जर्स सिंड्रोम है इसलिए मेरा दिमाग अलग तरीके से काम करता है: एलन मस्क

टेस्ला और स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क ने कहा है उन्हें एस्पर्जर्स सिंड्रोम है. अमेरिकी कॉमेडी टेलीविज़न शो सैटर्डे नाइट लाइव नाम के एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बताया. एलन मस्क तकनीक की दुनिया का जानामाना चेहरा हैं.
माना जा रहा है कि ये पहली बार है जब एलन मस्क ने अपने बारे में ये जानकारी दी है.
कार्यक्रम में 49 साल के मस्क ने दर्शकों से कहा, “मैं पहला इंसान हूं जिसे एस्पर्जर्स सिंड्रोम है और जो लंबे समय से चल रहे एक टेलीविज़न शो को होस्ट कर रहा है.”
माना जाता है कि वो लोग जिन्हें एस्पर्जर्स सिंड्रोम होता है वो अपने आसपास के वातावरण को आम लोगों की तुलना में अलग तरीके से देखते हैं.
साल 1970 से शुरू हुए कार्यक्रम सैटर्डे नाइट लाइव में उनसे पहले ऐढेले, क्रिस रॉक, रिंगो स्टार्र और विल फैरल जैसी हस्तियां शामिल हो चुकी हैं. इस शो में एलन मस्क ने बतौर गेस्ट होस्ट शिरकत की थी.
कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया है कि मैं कॉमेडी करने के लिए बढ़िया व्यक्ति हूं क्योंकि मेरी आवाज़ में उतार-चढ़ाव अधिक नहीं होता. दरअसल सैटर्डे नाइट लाइव कार्यक्रम में शामिल हो कर मैं इतिहास रच रहा हूं क्योंकि मैं इसे होस्ट करने वाला एस्पर्जर्स सिंड्रोम वाला पहला व्यक्ति हूं.”
दावे पर उठे सवाल
कार्यक्रम के दौरान उनकी बात के लिए कई लोगों ने उनकी सराहना की और तालियां बजा कर उन्हें उत्साहित किया. हालांकि, सोशल मीडिया में कई लोगों ने उनके इस दावे पर सवाल उठाए और कहा उनसे पहले इस कार्यक्रम में कॉमेडियन डैन आइकरॉएड शामिल हुए थे जिन्होंने खुल कर एस्पर्जर्स सिंड्रोम और टुरेट सिंड्रोम (बात करने के दौरान हिचकी आने की समस्या) होने की बात की थी.
कार्यक्रम में मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर अपने पोस्ट को लेकर मज़ाक बनाए जाने या आलोचना किए जाने की भी बात की.
ट्विटर पर मस्क के 5.3 करोड़ फॉलोअर्स हैं. मस्क ने कहा “मैं जानता हूं कि कभी-कभी मैं कुछ अजीब पोस्ट कर देता हूं, लेकिन मेरा दिमाग़ ऐसे ही काम करता है.”
उन्होंने कहा, “जिन्हें भी मेरी वजह से बुरा लगा हो मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैंने इलेक्ट्रिक कारों को फिर से इन्वेन्ट किया, मैं रॉकेट के ज़रिए इंसान को मंगल ग्रह पर भेजने वाले हूं. क्या आपको लगता है कि मैं आम इंसान हो सकता हूं?”
क्या है एस्पर्जर्स सिंड्रोम?
– एस्पर्जर्स सिंड्रोम आजीवन रहने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्या है जो व्यक्ति को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर सकती है.
– कुछ लोग इसे अपनी इस समस्या को एस्पर्जर्स सिंड्रोम कहना पसंद करते हैं लेकिन कई ख़ुद को ऑटिस्टिक या फिर ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम पर होना कहना पसंद करते हैं.
– इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को कही या अनकही बातों को समझने में परेशानी हो सकती है, किसी तरह की जानकारी को प्रोसेस करने में उसके दिमाग़ को आम व्यक्ति की तुलना में अधिक वक़्त लगता है.
– ऐसे व्यक्ति को अपनी भावनाएं व्यक्त करने में भी मुश्किल पेश आती है. हालांकि, ऐसे लोग दूसरों के प्रति अधिक संवेदनशील और नॉन-ऑटिस्टिक व्यक्ति की तुलना में अधिक भावुक हो सकते हैं.
– एस्पर्जर्स सिंड्रोम वाले कई व्यक्तियों में किसी एक ख़ास काम को लेकर साधारण व्यक्ति की तुलना में कहीं अधिक दिलचस्पी होती है और वो उस पर ध्यान लगाने में भी सक्षम होते हैं और कई इसे अपना करियर बना लेते हैं.
-एजेंसियां

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