मैं काम के लिए किसी के तलवे नहीं चाट सकता: हरभजन सिंह

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने महेंद्र सिंह धोनी के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI पर निशाना साधा है। भज्जी का कहना है कि उन्हें और खेलने का मौका मिलता तो वह कम से कम 100 से 150 विकेट और चटकाते।
टीम इंडिया में ‘टर्बनेटर’ के नाम से फेमस हरभजन ने पिछले महीने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया था। भज्जी ने अपने टेस्ट करियर में 103 टेस्ट मैचों में कुल 417 विकेट झटके। इस दौरान उन्होंने 5 विकेट हॉल 10 बार अपने नाम किया। 236 वनडे इंटरनेशनल मैचों में हरभजन के नाम 269 विकेट हैं।
यह पूछने पर कि आपने टेस्ट में 417 विकेट लिए और यह आंकड़ा 617 भी हो सकता था। अगर आपको बीसीसीआई से या आपके आसपास जो माहौल था वह थोड़ा और सपोर्टिव होता। जी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में भज्जी ने कहा, ‘देखिए किस्मत ने मेरा बखूबी साथ दिया लेकिन आसपास के जो फैक्टर थे, उन्होंने थोड़ा साथ नहीं दिया। शायद वह पूरी तरह से मेरे खिलाफ थे क्योंकि मैं रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। 31 साल की उम्र में जब कोई 400 विकेट ले लेता है तो निश्चिततौर पर अगर वह अगले 4 या 5 साल भी क्रिकेट खेलता है। तो मैं ज्यादा नहीं, मेरे स्तर के हिसाब से यह कह सकता हूं कि 100 या 150 और विकेट तो लेता ही।’
हरभजन सिंह काफी समय तक भारतीय टीम के नंबर वन स्पिनर रहे लेकिन साल 2011 के वर्ल्ड कप के बाद टीम में उनकी जगह पक्की नहीं रही। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए बहुत कम मैच ही खेले। 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की टीम से उन्हें ड्रॉप कर दिया गया था। वह 2015 वर्ल्ड कप की टीम का भी हिस्सा नहीं थे। हालांकि 2016 में भारत में हुए टी20 वर्ल्ड कप के लिए उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं दिया गया था।
बकौल भज्जी, ‘टीम का चयन हमेशा ही कप्तान और कोच से परे होता है। हां उस समय धोनी कप्तान थे लेकिन मुझे लगता है कि सलेक्शन धोनी से ऊपर उठकर होते थे। काफी हद तक इसमें बोर्ड के कुछ अधिकारी भी शामिल होते थे। ये अधिकारी मुझे नहीं चाहते थे। ऐसे में कप्तान खिलाड़ी का समर्थन कर सकता है, लेकिन कप्तान कभी भी बीसीसीआई से ऊपर नहीं हो सकता। बोर्ड अधिकारी हमेशा ही कप्तान, कोच या टीम से बड़े रहे हैं। उन दिनों पता नहीं चलता है कि कौन आपके पक्ष में है और कौन नहीं। बहुत लोगों ने अटकलें लगाईं कि किसी तरह से मेरा टेस्ट करियर खत्म हो जाए इसलिए जो उन्हें ठीक लगा, उन्होंने किया। जब मैं क्रिकेट खेल रहा था तब मुझे ये चीजें अजीब लग रही थी कि क्यों मेरे पीछे पड़े हैं। अगर मैंने कल 100 विकेट लिए और अगले दिन मुझे ड्रॉप कर दिया जाता है तो मलाल हमेशा रहेगा और वो जो खटास है वह जिंदगी पर रहेगा।’
इससे पहले भज्जी ने कहा था कि टीम इंडिया से उनके अचानक बाहर होने का कारण महेंद्र सिंह धोनी हैं, लेकिन उन्हें इसका कारण नहीं बताया गया।
दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह टीम इंडिया के लिए मैच विनर खिलाड़ी रहे हैं। भारतीय टीम ने मुश्किल वक्त में जब भी इस चैंपियन खिलाड़ी को याद किया, उस समय उन्होंने बेखौफ उसका सामना किया। बात चाहे गेंदबाजी की हो या बल्लेबाजी की। कई मौकों पर भज्जी ने अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है।
41 वर्षीय हरभजन ने पिछले महीने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने दिसंबर 2021 में अपने 23 साल के शानदार क्रिकेट करियर को विराम दिया। अब भज्जी अपनी दूसरी पारी कहां खेलते हैं, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
भज्जी ने जी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा है कि वह अपनी ईमानदारी से किसी तरह का समझौता नहीं करने वाले हैं। टीम इंडिया के इस ‘टर्बनेटर’ से जब यह पूछा गया कि कोई भी खिलाड़ी जब संन्यास लेता है तो उसे लगता है कि बीसीसीआई ने पंगा नहीं लेना है क्योंकि आगे चलकर बोर्ड में कोई काम मिल जाएगा, कोच बन जाऊंगा या अधिकारी बन जाऊंगा। क्या आप भी इस तरह का कोई काम करना चाहते हैं? इस पर हरभजन ने कहा कि ‘देखिए, मैं ऐसा आदमी रहा हूं कि जो मुझे सही लगता है वही बोलता हूं। जिस शख्स को ईमानदार लोगों की जरूरत होगी, वह जरूर मुझे बुलाकर कहेगा कि ये काम आप कर सकते हो। और मुझे किसी के तलवे नहीं चाटने हैं कि मुझे ये काम दिया जाए। चाहे वह किसी भी असोसिएशन का हो या किसी भी तरीके का हो। मुझे वह काम करना नहीं है। मैं अपनी मेहनत से आगे बढ़ा हूं।’
-एजेंसियां

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