रातों रात लखनऊ में लगे ‘मोदी हटाओ, योगी लाओ’ के होर्डिंग्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के नए होर्डिंग्स पर विवाद पैदा हो गया है। लखनऊ में लगे इन होर्डिंग्स में ‘योगी लाओ, देश बचाओ’ लिखा है। साथ ही 10 फरवरी 2019 को रमाबाई आंबेडकर मैदान में धर्म संसद आयोजित करने की बात कही गई है। होर्डिंग्स में ‘जुमलेबाजी का नाम मोदी VS हिंदुत्व का ब्रांड योगी’ के साथ ‘हैशटैग योगी फॉर पीएम’ लिखा है। इसके साथ ही दोनों के किए गए कार्यों का विवरण होर्डिंग्स में लिखा है। ये होर्डिंग्स पांच राज्यों में बीजेपी की हार के बाद रातों-रात लगाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि अगर जनवरी तक राममंदिर और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार ने कानून नहीं बनाया तो 10 फरवरी को रमाबाई आंबेडकर मैदान में हिंदुओं की धर्म संसद आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस धर्म संसद में लगभग पांच लाख हिंदू शामिल होंगे। धर्म संसद में मोदी बहिष्कार और योगी समर्थन को लेकर एक सुर में आवाज उठेगी।
अमित जानी ने कहा कि पीएम मोदी के जुमलों से देश की हिन्दू जनता ऊब चुकी है। वह हिंदुओं के साथ धोखा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि पांचों राज्य में बीजेपी की करारी हार हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगर आदित्यनाथ योगी बीजेपी के स्टार प्रचारक न होते और इन राज्यों में जाकर प्रचार नहीं करते तो बीजेपी का खाता भी नहीं खुलता।
नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष ने कहा कि दो दिन पहले योगी ने बयान दिया था कि अगर उत्तर प्रदेश के हाथ में होता तो 24 घंटे में राम मंदिर बना देता। उन्होंने कहा कि मंदिर बनाने को लेकर कानून लाना केंद्र के हाथ में है और अब योगी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बौद्ध गुरु विराथु की तरह ही भविष्य में अगर भारत के हिंदुओं को कोई कश्मीरी पंडितों की भांति मरने कटने से बचा सकता है तो वह सिर्फ योगी आदित्यनाथ हैं।
कौन हैं अमित जानी
समाजवादी पार्टी में रहे अमित जानी 2012 में मायावती की मूर्ति तोड़कर रातों रात सुर्खियों में आए थे। लखनऊ में बीएसपी प्रमुख की मूर्ति तोड़ने के मामले में उन्हें जेल भेजा गया था। उनके ऊपर रासुका जैसी धारा भी लगाई गई थी। महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को के बाद उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तर्ज पर उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना का गठन किया था। मेरठ के रहने वाले अमित जानी के खिलाफ कई संगीन केस दर्ज हैं। उन्हें शिवसेना के कार्यालय में तोड़फोड़ करने, राहुल गांधी को काले झंडे दिखाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों में कई बार जेल भेजा जा चुका है। हाल ही में अक्टूबर महीने में उन्हें बिसाहड़ा गांव से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया था। उनके ऊपर बिना प्रशासन की अनुमति के बिसाहड़ा गांव में पंचायत करने के प्रयास का आरोप लगा था। पिछले साल अमित जानी ने आजम खां की जीभ काटने वाले को इनाम देने की घोषणा भी की थी।
-एजेंसियां

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