हनीप्रीत को 23 अक्टूबर तक के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा

चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम​ की करीबी हनीप्रीत इंसां की तीन दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 23 अक्टूबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया।
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने कोर्ट में कहा कि उसने हनीप्रीत का एक मोबाइल बरामद कर लिया है लेकिन उसका लैपटॉप अब भी नहीं मिला है। हनीप्रीत के साथ सुखदीप कौर को भी ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है। दोनों इस दौरान अंबाला जेल में रहेंगी।
पिछले नौ दिनों में हनीप्रीत को साथ लेकर पुलिस ने बठिंडा और गुरुसर मोडिया में उसके मोबाइल और लैपटॉप को बरामद करने के लिए रेड की थी।
एक टीम सिरसा भी भेजी गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में कहा कि हनीप्रीत से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। हालांकि, उसका लैपटॉप बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रेड में बेशक लैपटॉप नहीं मिला हो लेकिन पुलिस को यहां से डॉक्युमेंट के तौर पर कुछ ऐसे पूफ्र मिले हैं, जो दंगों से जुड़े हुए हैं।
अभी कोई भी अफसर कुछ नहीं बता रहा लेकिन जानकारी के मुताबिक मिले दस्तावेजों को दंगे, रुपए और 39 दिनों तक हनीप्रीत के गायब रहने से जुड़ा बताया जा रहा है।
लैपटॉप नहीं मिलने के बाद अब हनीप्रीत इंसां ने पुलिस से कहा है कि उसने मोबाइल और लैपटॉप रोहतक जेल से सिरसा डेरे में जाने के बाद विपश्यना को दे दिया था।
पुलिस ने शुक्रवार को विपश्यना और हनीप्रीत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम​ और हनीप्रीत, 5 प्वाइंट
39 दिन गायब रहने के बाद अरेस्ट हुई थी हनीप्रीत इंसां
राम रहीम को रेप केस में दोषी करार दिए जाने के बाद हनीप्रीत बाबा गुरमीत राम रहीम के साथ पुलिस के हेलिकॉप्टर से रोहतक की सुनारिया जेल पहुंची थी। इसके बाद से हनीप्रीत इंसां गायब थी। डेरे की चेयरपर्सन विपासना इंसां ने कहा था कि हनीप्रीत इंसां 25 अगस्त की रात को उसके साथ डेरा सच्चा सौदा सिरसा आई थी। इसके बाद अगले दिन वह वहां से निकल गई। 39 दिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। 3 अक्टूबर को हनीप्रीत को सुखदीप कौर नाम की महिला के साथ अरेस्ट किया गया था।
पहली पेशी पर हनीप्रीत बोली- बेगुनाह को रिमांड पर भेजा
4 अक्टूबर को हनीप्रीत को कोर्ट में पेश किया गया था। हनीप्रीत इंसां के वकील के मुताबिक “25 अगस्त के बाद जो घटनाएं हुई हैं, उनमें हनीप्रीत का कोई हाथ नहीं है। उसे जानबूझकर इसमें फंसाया जा रहा है। इतने दिन तक अंडरग्राउंड रहने की वजह के बारे में उसने कहा कि वह डिप्रेशन में थी।”
क्या हुआ था पंचकूला हिंसा में?
दो साध्वियों से रेप के मामले में 25 अगस्त को राम रहीम को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया था। इसके बाद डेरा सच्चा सौदा के फॉलोअर्स ने हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में हिंसा शुरू कर दी थी। पंचकूला में फॉलोअर्स ने गाड़ियां फूंकी, पेट्रोल पंप जलाया, सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में आगजनी की। सिरसा का भी यही हाल था। हिंसा में 41 लोगों की जान गई, इनमें 36 की जान केवल पंचकूला में ही गई थी।
प्रियंका तनेजा कैसे बनी हनीप्रीत इंसां?
हनीप्रीत इंसां के पिता रामानंद तनेजा और मां आशा तनेजा फतेहाबाद के रहने वाले हैं। हनीप्रीत का असली नाम प्रियंका तनेजा है।
हनीप्रीत के पिता राम रहीम के फॉलोअर थे। वे अपनी सारी प्रॉपर्टी बेचने के बाद डेरा सच्चा सौदा में अपनी दुकान चलाने लगे। 14 फरवरी 1999 को हनीप्रीत और विश्वास गुप्ता की सत्संग में शादी हुई। इसके बाद बाबा ने हनीप्रीत को अपनी तीसरी बेटी घोषित कर दिया। हनीप्रीत राम रहीम के प्रोडक्शन में बनी फिल्मों में एक्टिंग और डायरेक्शन भी कर चुकी है।
रेप केस में राम रहीम को कितनी सजा, कोर्ट ने क्या कहा था?
28 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा चीफ राम रहीम को दो साध्वियों का रेप करने के केस में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज जगदीप सिंह लोहान ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी। सजा के एलान के दिन राम रहीम ने अपने ‘अच्छे काम’ गिनाने के लिए सोशल वर्क्स की बुकलेट भी कोर्ट रूम में पेश की, लेकिन जज ने कहा कि ऐसे शख्स के लिए कोई रहमदिली नहीं दिखा सकते। अपने 9 पेज के ऑर्डर में जज ने कहा- जिसने अपनी साध्वियों को ही नहीं छोड़ा और जो जंगली जानवर की तरह पेश आया, वह किसी रहम का हकदार नहीं है।
-एजेंसी