ज्ञानवापी केस पर सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले से हिन्दू पक्ष संतुष्‍ट

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी केस पर जो फैसला सुनाया। उस पर हिन्दू पक्ष ने संतोष जताया। हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कहा कि शीर्ष अदालत ने जो फैसला सुनाया उससे वे संतुष्ट हैं। खासकर उनका संदर्भ सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का है, जिसमें शिवलिंग का स्थान बरकरार रहेगा। साथ ही वुजु के स्थान की व्यवस्था जिलाधिकारी करेंगे। यह आदेश अगले दो महीने तक बरकरार रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी केस को वाराणसी जिला अदालत के पास ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही तीन जजों की बेंच ने मामले में टिप्पणी की कि जिला जज के पास 25 साल का अनुभव है इसलिए यह जरूरी है कि वो ही इस मामले में फैसला लें क्योंकि मामला पहले से ही जिला अदालत के पास था लेकिन मुस्लिम पक्ष ने अंसतुष्ट होते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले को फिर से जिला अदालत में भेज दिया है। इससे यकीनन मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है।
मीडिया से बात करते हुए हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कहा कि कोर्ट के फैसले वे काफी संतुष्ट हैं क्योंकि मामला जिला अदालत के पास ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही मुस्लिम पक्ष जो जिरह कर रहा था, उसे भी अदालत ने जिला जज के पास सुनवाई के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि अब मामले का ट्रॉयल जिला अदालत करेगा।
मुस्लिम पक्ष को झटका
अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा कि सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने कहा कि हमारे द्वारा दायर मुकदमा विचारणीय नहीं है। उन्होंने इसे खारिज करने के लिए आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत एक आवेदन प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, यह सूट पूजा स्थल अधिनियम से प्रतिबंधित है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए जिला जज के पास केस ट्रांसफर कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 17 मई को दिया उनका अंतरिम आदेश अगले दो महीने तक जारी रहेगा यानि जुलाई दूसरे सप्ताह तक फैसला जारी रहेगा। जिसमें शिवलिंग का स्थान सील कर सुरक्षित रखने की बात है जबकि वुजु खाने के स्थान को बदला जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी को स्थान चयनित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक मस्जिद में लोगों को नमाज पढ़ने से न रोका जाए।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *