लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या

लखनऊ। लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। कमलेश तिवारी को उनके ऑफिस में गला रेतकर बेरहमी से मारा गया है। गला रेतने के बाद उन्हें गोली भी मारी गई। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने कमलेश से उनके ऑफिस में मुलाकात की और उनके साथ चाय भी पी। इसके बाद घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना लखनऊ के नाका इलाके की है।
जानकारी के अनुसार कमलेश तिवारी से नाका के खुर्शीद बाग स्थित ऑफिस में दो लोग मिलने आए थे। ये दोनों मिठाई का डिब्बा लिए हुए थे, जिनमें चाकू और हथियार थे।
बताया जा रहा है कि दोनों ने कमलेश तिवारी से मुलाकात की। बातचीत के दौरान दोनों बदमाशों ने कमलेश के साथ चाय भी पी। इसके बाद उनका गला रेता गया और फिर गोली मारकर बदमाश फरार हो गए।
कमलेश को आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बदमाशों ने कमलेश तिवारी से मिलने से पहले उन्हें कॉल भी थी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों अपराधी कमलेश के परिचित थे या नहीं। फिलहाल पुलिस उस नंबर को ट्रेस कर रही है जिससे कॉल आई थी। इसके अलावा पुलिस कमलेश के साथ रहने वाले एक लड़के से भी पूछताछ कर रही है। बदमाशों ने कमलेश तिवारी से मिलने से पहले उन्हें कॉल भी की थी। फिलहाल पुलिस उस नंबर को ट्रेस कर रही है। इसके अलावा पुलिस कमलेश के साथ रहने वाले एक नौकर से भी पूछताछ कर रही है।
लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा, ‘मौके से एक असलहा बरामद हुआ है। प्रथमदृष्टया किसी व्यक्तिगत रंजिश की बात लग रही है। यहां पर मिलने आए थे। परिचित भी लग रहे हैं, जिस तरह से उनका आना हुआ। चाय पीने के बाद घटना हुई है। किसी परिचित के द्वारा रंजिश में घटना को अंजाम देने की संभावना व्यक्त की जा रही है।’
गोडसे मंदिर बनाने का ऐलान किया था
बताया जा रहा है कि कमलेश की सुरक्षा के लिए एक सिपाही भी तैनात रहता था लेकिन घटना के वक्त वह मौजूद नहीं था। इसके अलावा पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिला है जिसमें दोनों बदमाश हत्या को अंजाम देकर बाइक से भाग रहे हैं। कमलेश तिवारी ने सीतापुर में अपनी पैतृक जमीन पर गोडसे का मंदिर बनाने का ऐलान किया था।
सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के पक्षकार भी रह चुके हैं
इसके अलावा कमलेश तिवारी राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुछ दिनों तक हिन्दू महासभा की तरफ से पक्षकार भी रहे थे। कमलेश तिवारी एक धर्मविशेष पर विवादित टिप्पणी के मामले को लेकर विवाद में आये थे। इन पर रासुका भी लगी थी।
-एजेंसियां

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