शपथ लेते ही हिमंत ने कहा, NRC का सत्यापन और उल्फा से वार्ता प्राथमिकता

गुवाहाटी। हिमंत बिस्व सरमा ने असम के मुख्यमंत्री के पद पर सोमवार को शपथ ली। ग्रहण के बाद हिमंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि वह फिर से NRC का सत्यापन कराना चाहते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह उल्फा के कमांडर को वार्ता के लिए आमंत्रित करते हैं।
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि असम के सीमावर्ती इलाकों के जिन लोगों के नाम एनआरसी में शामिल हैं, वह उनमें से 20 फीसदी नामों का सत्यापन कराना चाहते हैं। इसके अलावा अन्य इलाकों में 10 प्रतिशत नामों का पुन: सत्यापन होगा।
‘शांति वार्ता के लिए उल्फा कमांडर को आमंत्रित करता हूं’
हिमंत ने कहा, ‘मैं उल्फा कमांडर-इन-चीफ परेश बरुआ से शांति वार्ता के लिए आगे आने का आग्रह करता हूं। दोनों पक्षों को शांति वार्ता के लिए आगे आना होगा’ उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि उनका लक्ष्य है कि पांच वर्षों में वह असम को देश के पांच शीर्ष राज्यों की लिस्ट में शामिल करवाना।
हिमंत बिस्वा सरमा ने ली शपथ
हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ली। राज्यपाल जगदीश मुखी ने उन्हें यहां श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
परंपरागत वेशभूषा और असमिया भाषा का प्रयोग
सरमा ने पारंपरिक ‘पट रेशम’ की धोती और कुर्ता धारण किया हुआ था तथा अपने गले में मुगा ‘गमोसा’ डाला हुआ था। उन्होंने असमी भाषा में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। कोविड-19 के सख्त प्रोटोकॉल के बीच उनके साथ 14 और विधायकों ने शपथ ली।
असम में बीजेपी गठबंधन को 75 सीटें
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन को 75 सीटें मिली हैं। भाजपा को 60 सीटें मिली हैं जबकि उसके गठबंधन साझेदार असम गण परिषद (एजीपी) व यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) को क्रमश: नौ और छह सीटें मिली हैं।
पीएम मोदी ने दी बधाई
हिमंत बिस्व सरमा के पीएम पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। पीएम ने उनके ऊपर विश्वास व्यक्त किया है कि वह और उनकी मंत्रियों की टीम राज्य की विकास यात्रा को गति प्रदान करेगी और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी।
-एजेंसियां

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