अगली सुनवाई तक Rakesh Asthana की गिरफ्तारी पर हार्इकोर्ट की रोक

नई दिल्‍ली। Rakesh Asthana की गिरफ्तारी पर हार्इकोर्ट ने रोक लगाते हुए उनकी एफआईआर खत्‍म करने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट में मामले में अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी साथ ही कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त Rakesh Asthana के सभी इलेक्ट्रॉनिक आइटम मोबाइल, लैपटॉप भी संरक्षित रखे जाएंगे।

गौरतलब कि देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसी कही जाने वाली सीबीआई में टॉप बॉस और सेकेंड बॉस के बीच चल रही कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। दो दिन पहले सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने अपने ही स्पेशल डायरेक्टर Rakesh Asthana के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था तो वहीं अब अस्थाना ने भी वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीवीसी और कैबिनेट सचिव को लिखे अपने पत्र में राकेश अस्थाना ने कई राज सार्वजनिक किए हैं। उनका कहना है कि आलोक वर्मा मुझे फंसाने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे थे।

Rakesh Asthana पर आरोप

अस्थाना पर आरोप है कि मीट निर्यातक मोइन कुरैशी की संलिप्तता वाले एक मामले की जांच में एक कारोबारी को राहत देने के लिए उन्होंने कथित तौर पर घूस ली थी। राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना ने दावा किया है कि उसने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को पिछले साल 3 करोड़ रुपये दिए थे। सीबीआई ने सतीश सना की शिकायत के आधार पर अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

अस्थाना ने आलोक वर्मा पर आरोप लगाया 

दरअसल, दो महीने पहले राकेश अस्थाना ने कैबिनेट सचिव से सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायत की थी। उन्होंने आलोक वर्मा के खिलाफ आरोप लगाया था कि उन्होंने सतीश सना को मोइन कुरैशी मामले से निकलवाने के लिए 2 करोड़ रुपये लिए हैं।

ये हैं सीबीआई के अंदरूनी कलह से जुड़े मुख्य लोग

आलोक वर्मा

आलोक वर्मा 1979 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के एक आईपीएस अधिकारी हैं। वह 1 फरवरी, 2017 से सीबीआई के निदेशक के पद पर हैं। वह सीबीआई के निदेशक बनने से पहले दिल्ली के पुलिस कमिश्नर थे। उससे पहले वो तिहाड़ जेल के महानिदेशक थे। वह दिल्ली पुलिस, अंडमान निकोबार, पुडुचेरी, मिजोरम और आईबी में कई पदों पर काम कर चुके हैं। हालांकि सीबीआई निदेशक बनने से पहले सीबीआई में काम करने का उनका कोई अनुभव नहीं था।

राकेश अस्थाना

राकेश अस्थाना 1984 बैच के गुजरात के आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल सीबीआई में विशेष निदेशक का पद संभाल रहे हैं। वह चारा घोटाला और गोधरा ट्रेन कांड की जांच कर चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का चहेता अधिकारी बताया था। उन्हें पिछले साल ही सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया था।

-एजेंसी

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