High court ने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा की सीबीआई जांच पर लगाई रोक

पूर्व में दिए गए एकल जज के निर्णय पर High court की दो जजों की पीठ ने रोक लगा दी

लखनऊ। सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 की सीबीआई जांच के इलाहाबाद High court की लखनऊ खंडपीठ के एकल जज के इस निर्णय पर High court की दो जजों की पीठ ने रोक लगा दी है। इसके तहत सीबीआई जांच पर भी रोक लगा दी गई है।

उत्तर प्रदेश में 68,500 सहायक शिक्षकों की 2018 में हुई भर्ती की सीबीआई जांच के 1 नवंबर को आए इस आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार ने विशेष अपील दायर की थी। इसकी सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस मनीष माथुर ने एकल जज के इस पर रोक लगा दी है।

मंगलवार को चली करीब दो घंटे की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया हैं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र पेश हुए। 21 दिसंबर को याचिका पर हाईकोर्ट अपना निर्णय सुना सकता है। इससे पहले हाईकोर्ट ने उन सभी 41 याचियों को पक्षकार बनाने के लिए कहा है, जिनकी याचिकाओं पर पुराना निर्णय दिया गया था।

यह थी सरकार की प्रार्थना
सरकार ने विशेष अपील में हाईकोर्ट की एकल पीठ का सीबीआई जांच का आदेश निरस्त करने की प्रार्थना की थी। साथ ही अन्य आदेशों पर भी रोक के लिए निवेदन किया था।

High court के न्यायमूर्ति इरशाद अली की एकल सदस्यीय पीठ ने दिया था सीबीआई जांच का आदेश

सहायक शिक्षकों के 68 हजार 500 पदों पर भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूरी चयन प्रक्रिया की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने कहा है कि सीबीआई को यह जांच छह माह में पूरी करनी होगी। न्यायालय ने अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में पहले महाधिवक्ता से पूछा था कि राज्य सरकार इस मामले की सीबीआई जांच कराने को तैयार है अथवा नहीं जिस पर महाधिवक्ता द्वारा सरकार की ओर से सीबीआई जांच से इंकार कर दिया गया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मामले की CBI जांच होगी। बार कोड बदलने पर कोर्ट सख्त यह आदेश न्यायमूर्ति इरशाद अली की एकल सदस्यीय पीठ ने कई अभ्यर्थियों की दर्जनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के पहले पृष्ठ पर अंकित बार कोड अंदर के पृष्ठों से मेल नहीं खा रहे हैं। न्यायालय ने तब ही इस पर हैरानी जताते हुए कहा था कि उत्तर पुस्तिकाएं बदल दी गई हैं। इस पर महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने मामले की पर्याप्त जांच का भरोसा दिया था।

-एजेंसी

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