प. UP में High Court Bench के ल‍िए मेरठ के वकीलों द्वारा कड़े विरोध का ऐलान

मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में High Court Bench स्थापना की मांग को लेकर विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा संसद में दिए गए बयान पर मेरठ बार और जिला बार एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 नवंबर को विरोध दिवस मनाने की घोषणा की। वकीलों ने 30 नवंबर को बुलंदशहर में होने वाली केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में आगामी रणनीति बनाने का फैसला लिया।
कचहरी स्थित पं. नानक चंद सभागार में मेरठ और जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, पूर्व अध्यक्ष एवं महामंत्री की संयुक्त बैठक बुलाई गई। विचार विमर्श के दौरान बार के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में High Court Bench संसद द्वारा ही स्थापित की जा सकती है। इसके लिए राज्य सरकार या हाईकोर्ट के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हाईकोर्ट बेंच केंद्रीय संघर्ष समिति से जुड़े पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता आगामी 25 नवंबर को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का विरोध करेंगे।

नहीं घुसने देंगे पश्चिम की किसी कचहरी में

बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर मेरठ बार काउंसिल के चेयरमैन हरिशंकर सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा तो इलाहाबाद कोर्ट के किसी भी अधिवक्ता को पश्चिम की कचहरी में घुसने नहीं दिया जाएगा। साथ ही कहा कि जो भी अधिवक्ता बार काउंसिल के चेयरमैन के साथ अनुचित आचरण करेगा उसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकील अपने जनपद की कचहरी में घुसने नहीं देंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जो सदस्य यूपी बार काउंसिल में चुने गए हैं, उनसे हरिशंकर सिंह का पूर्ण समर्थन करने का अनुरोध किया गया।

इस बैठक में मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगेराम, महामंत्री नरेश दत्त शर्मा, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, महामंत्री आनंद कश्यप, पूर्व अध्यक्ष कुंवर राजपाल सिंह, जीएस धामा, अजय त्यागी, अशोक शर्मा, डॉ. ओपी शर्मा, डीडी शर्मा, उदयवीर राणा, राजेंद्र सिंह जानी, पूर्व महामंत्री जितेंद्र बना, तरुण ढाका, केपी शर्मा, आदि मौजूद रहे।

– एजेंसी

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