हेमा मालिनी का कथन अनूप बरतरिया की स्‍क्रिप्‍ट: विनीत

”द ब्रज फ़ाउंडेशन” के अध्यक्ष व‍िनीत नारायण का आराेप है कि जयपुर के अनूप बरतरिया ग्रुप द्वारा गोवर्धन मामले में सांसद हेमा मालिनी को गुमराह किया जा रहा है जबकि गोवर्धन की सांस्कृत‍िक व‍िरासत के ल‍िए ये एक बेहद कठिन समय है क्‍योंक‍ि ब्रज व‍िकास के नाम पर व्यावसाय‍िक ठगों का एक बड़ा मायाजाल येन केन प्रकारेण जनप्रत‍िन‍िध‍ियों को बरगलाकर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पास करवाने में लगा है ।

उक्त व‍िचार प्रकट करते हुए एनजीओ ”द ब्रज फ़ाउंडेशन” के अध्यक्ष व‍िनीत नारायण ने कहा है क‍ि सांसद हेमा माल‍िनी ने बृहस्पत‍िवार को संसद में कहा था क‍ि गोवर्धन का विकास तिरुपति बालाजी की तर्ज पर हो। संसद में जो कुछ भी सांसद ने कहा वो उसी जयपुर के अनूप बरतरिया ग्रुप द्वारा लिखी पटकथा है, जिसका ”द ब्रज फ़ाउंडेशन” शुरू से विरोध करती आयी है क्योंकि इससे गोवर्धन के नैसर्गिक सौंदर्य का हमेशा के लिए विनाश हो जाएगा। अभी तक गोवर्धन के जिस नैसर्गिक सौंदर्य को देखकर संत, भक्त और ब्रजवासी भगवान श्रीकृष्ण के समय और उनकी लीलाओं की अनुभूत‍ि करते हैं, वे इसके व‍िनाश पर विलाप कर उठेंगे।

व‍िनीत नारायण का कहना है क‍ि ब्रज व‍िकास के नाम पर कौन क्या षडयंत्र रच रहा है, इसकी जानकारी सांसद हेमामाल‍िनी को नहीं है। संभव है क‍ि वो प्रभु भक्ति के कारण ब्रज के व‍िकास को महत्व दे रही हों। ऐसे में सांसद की अनभ‍िज्ञता का लाभ उठाकर इन लोगों ने अपनी साज़िश को उनके माध्यम से आगे बढ़ाने की एक और नाकाम कोशिश की है। इसी प्लान‍िंग के तहत प‍िछले हफ़्ते अनूप बरतरिया आदि वसंत विहार स्थित सांसद हेमामाल‍िनी से उनके समधी के यहां मिला था, वो वहींं उन्हें पट्टी पढ़ाकर गया जिसके बाद हेमा मालिनी ने संसद में बयान दिया है।

जहां तक सवाल है गोवर्धन का व‍िकास अमृतसर की तर्ज पर करने का तो अमृतसर का स्वर्ण मंदिर एक छोटे से क्षेत्र में और शहर के बीचों बीच स्थित है जबकि गोवर्धन प्रकृति के संतुलन का 50 किलोमीटर से भी ज़्यादा क्षेत्र में फैला एक विशाल, अदभुत नमूना है। उसका विकास अमृतसर जैसा कैसे हो सकता है ? ये सुझाव देने वाला अनूप बरतरिया अपनी अज्ञानता का इश्तहार ख़ुद लगा रहा है जबकि दोनों तीर्थों की मूल भावना और संस्कृति में ज़मीन आसमान का अंतर है ।

अमृतसर का भी विकास अनूप बरतरिया द्वारा जो हाल के वर्षों में क‍िया गया है, वह इस दृष्टि से पहली नज़र में दिखता है क्योंकि उसमें संकरी गलियों की जगह तोड़फोड़ करके विस्तार किया गया है। ऐसा किसी देश की विरासत के विकास के लिए यूरोप आदि में कहीं नहीं किया गया। मगर अमृतसर व‍िकास के नाम पर भी जो काम हुआ है वो कला की दृष्टि से बहुत बड़ी अज्ञानता का परिचायक है।

व‍िनीत नारायण ने आरोप लगाते हुए कहा क‍ि पंजाब की संस्कृति का भाव इसमें दिखाने की जगह तथाकथ‍ित आर्कि‍टेक्ट अनूप बरतरिया ने स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ़ के मकानों में कहीं तो राजस्थानी शैली के छज्जे बना दिए हैं, कही यूरोप जैसे फ़व्वारे लगाकर उनमें विदेशी मूर्तियाँ जड़ दी हैं ।

बाज़ार के साइनेज और स्ट्रीट फर्नीचर टिपिकल मॉडल का है जो आपको हर सड़क चलता आर्किटेक्ट आजकल सुझाता है। इसी तरह अमृतसर में जो लगवाया गया है, उसमें कही भी स्वर्ण मंदिर या पंजाबी संस्कृति की झलक नहीं है। इसका कारण ये है कि खुद को आर्किटेक्ट बताने वाला अनूप बरतरिया असल में आर्किटेक्ट है ही नहीं।

तथाकथ‍ित आर्कि‍टेक्ट अनूप बरतर‍िया से जुड़ा हर व्यक्ति पिछले महीनों में भ्रष्टाचार, जंगलों की ज़मीन क़ब्ज़ाने और अन्य घोटालों में बेनक़ाब हो चुका है। अपने पैरों के नीचे से खिसकती ज़मीन देखकर इन घोटालेबाज़ों ने सांसद हेमा माल‍िनी को बहकाकर ये बयान दिलावाया है। इन लोगों की न तो गोवर्धन के प्रति कोई श्रद्धा है न उसकी संस्कृति या उसके आध्यात्मिक महत्व की कोई समझ। इनका मात्र उद्देश्य गोवर्धन को एक आधुनिक शहर बनाकर उसे बेचना और अरबों रुपये कमाना है।

उक्त आरोप लगाते हुए विनीत नारायण ने ब्रज वास‍ियों से सवाल क‍िया है क‍ि क्‍या वो तथाकथ‍ित आर्कि‍टेक्ट अनूप बरतर‍िया के हाथों अपनी 5000 साल पुरानी विरासत का विनाश होने देंगे ?

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