ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका की SC में सुनवाई कल

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे पर रोक लगाने संबंधी याचिका की सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार यानी 17 मई को सुनवाई होगी। वाराणसी कोर्ट के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे शनिवार से शुरू होकर सोमवार को पूरा हो चुका है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिका पर सुनवाई के क्रम में क्या आदेश आता है, देखना होगा। माना जा रहा है कि अंजुमन इंतेजामिया कमेटी सुप्रीम कोर्ट में वाराणसी कोर्ट की ओर से एडवोकेट कमिश्नर की अगुआई में गठित 52 सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से रोक लगाने की मांग कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच में इस पूरे मामले की सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट के केस में आने वाले फैसले पर हर किसी की निगाह होगी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया था इंकार
मुस्लिम पक्षकारों ने वाराणसी की निचली अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया था। इसके लिए एडवोकेट कमिश्नर की भी नियुक्ति कर दी गई थी। निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने से इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 21 अप्रैल को इंकार कर दिया। इसके बाद निचली अदालत की ओर से सर्वे के लिए कड़े आदेश जारी किए गए। ज्ञानवापी मस्जिद कमेटी को कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया। सर्वे को रोकने के लिए मुस्लिम कमेटी की ओर से एडवोकेट कमिश्नर पर सवाल खड़े किए गए। इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। हालांकि, याचिकाकर्ताओं को तत्काल राहत नहीं मिली। 14 मई से मस्जिद के भीतरी भाग का सर्वे शुरू हुआ, जो 16 मई को पूरा करा लिया गया है।
मुद्दे की जानकारी न होने की कही गई बात
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने तत्काल सर्वे रोकने का आदेश नहीं दिया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हुजेफा अहमदी ने चीफ जस्टिस के समक्ष मामले की जानकारी रखी। वाराणसी सिविल कोर्ट में लंबित मामले में यथास्थिति का आदेश देने के लिए कहा। पीठ ने मामले में यथास्थिति प्रदान करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि उसे इस मुद्दे की जानकारी नहीं है, क्योंकि पीठ ने तब कागजात नहीं देखे थे। अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से पेश हुए वकील ने तब कहा था कि वाराणसी की संपत्ति का सर्वे शुरू हो चुका है। यह संपत्ति धर्मस्थल कानून के दायरे में आती है, लेकिन अब कोर्ट ने कमिश्नर को आदेश दिया है कि वह सर्वे कराए।
कमेटी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कमेटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से भी इस सर्वे को हरी झंडी देने को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत की ओर से नियुक्त कमिश्नर को निरीक्षण करने, सर्वे और वीडियोग्राफी कराने की इजाजत दी है। ज्ञानवापी मस्जिद पर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष अपने अधिकार जता रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर हर किसी की नजर रहने वाली है।
-एजेंसियां

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