मणिपुर में एन बीरेन सिंह सरकार पर खतरा लगभग टला

इंफाल। मणिपुर में एन बीरेन सिंह सरकार से खतरा लगभग टल गया है। केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) के चार मंत्रियों ने एन बीरेन सिंह को समर्थन देते हुए राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला को एक पत्र सौंपा है। इसी के साथ राजनीतिक उथल-पुथल लगभग टल गई है।
इंफाल पहुंचे एनपीपी प्रमुख और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक मंत्रिपद से अपना इस्तीफा भी वापस ले लेंगे जिसे राज्यपाल ने अब तक मंजूर नहीं किया है।
बता दें संगमा और पूर्वोत्तर में बीजेपी के संकटमोचक समझे जाने वाले हिमंत बिस्व शर्मा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में विधायकों की मुलाकात कराई। चारों ने मुख्यमंत्री के बुरे बर्ताव की शिकायत की थी।
बीरेन सिंह सरकार के पास 27 विधायक
पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) में उनकी वापसी के बाद अब बीरेन सिंह सरकार के पास विधानसभा में 27 विधायक हैं जिसमें फिलहाल 8 विधायकों के इस्तीफे और अयोग्य करार दिए जाने के बाद अब 52 सदस्य रह गए हैं।
विधायकों का गर्मजोशी से हुआ स्वागत
संगमा और हिमंत बिस्व शर्मा के साथ ये चार विधायक राजभवन गए जहां से वे मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे। बीरेन सिंह ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और सभी ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। चूंकि उनके इस्तीफे स्वीकार किए जाने बाकी हैं, इसलिए वे तकनीकी तौर पर मंत्री बने हुए हैं और दोबारा शपथ ग्रहण की जरूरत नहीं है। संगमा ने कहा, ‘नड्डा और शाह के साथ हमारी बैठक हुई और इस गठबंधन के अंग के रूप में हमने अपनी शिकायतें और चिंताएं सामने रखीं। दोनों नेताओं ने हमारी बाते सुनीं और आश्वासन दिया कि सभी मुद्दे निपटाये जाएंगे।’
वो वक्त जब सरकार का गिरना तय था
जब बीरेन सिंह सरकार का गिरना लगभग तय लग रहा था तब राजनीतिक संकट चरम पर था क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष ने पार्टी और सदन से इस्तीफा देने वाले तीन बीजेपी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे। उन्होंने एकमात्र तृणमूल कांग्रेस सदस्य को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिया था। हेपतुल्ला ने ट्वीट किया, ‘कोनराड संगमा और हिमंत बिस्व शर्मा के नेतृत्व में नैशनल पीपल्स पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिला और सभी 4 विधायकों ने मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति अपना समर्थन पत्र दिया।’
9 विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया था
बता दें कि मणिपुर में राजनीतिक संकट उस समय गहराया था जब 17 जून को 9 विधायकों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसमें बीजेपी के 3 विधायक भी शामिल थे जिन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही सरकार पर संकट मंडरा रहा था।
हिमंत शर्मा और कोनराड संगमा इंफाल गए थे
विधायकों के इस्तीफे और समर्थन वापस लेने से बिगड़ी स्थिति देख बीजेपी ने रविवार को बीजेपी के संकटमोचक कहे जाने वाले हिमंत बिस्वा शर्मा को अचानक मणिपुर भेजा था। हिमंत शर्मा रविवार रात इंफाल पहुंचे और कई राउंड में बैठक की। उनके साथ मेघालय के सीएम और एनपीपी नेता कोनराड संगमा भी थे।
एनपीपी के विधायकों से समर्थन वापस लेने से ही सरकार खतरे में आई थी। इस वजह से ही कोनराड संगमा को भी मणिपुर भेजा गया था ताकि वह राज्य इकाई यूनिट और बीजेपी के बीच खाई पाटने में मदद कर सकें।
-एजेंसियां

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