दिखाई देने लगी है वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारी

वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारी दिखने लगी है। प्रवासी भारतीयों को इस बार लघु भारत दर्शन कराने की तैयारी है। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए बड़ा लालपुर स्टेडियम में वाराणसी चित्रावली लाउंज बनाया जा रहा है। इसमें काशी के बारे में बताया जाएगा।
दीनदयाल हस्तकला संकुल में स्वामी विवेकानंद सभागार और स्टेडियम में अमर अटल पथ का निर्माण हो रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर सभागार भी बन रहा है, इसमें पूर्व प्रधानमंत्री के कृतित्व और व्यक्तित्व के बारे में बताया जाएगा। अमर अटल भवन में जीवन से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी।
डिफेंस कॉरिडोर, डिजिटल कुंभ यात्रा के जरिए उन्हें कुंभ के बारे में बताया जाएगा। सम्मेलन के समापन के बाद उन्हें एक दिन के लिए कुंभ और बाद में दिल्ली के गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनाया जाएगा। टेंट सिटी में पीएम के साथ सेल्फी प्वाइंट बनाए जा रहे हैं।
हस्तकला से जुड़ी प्रदर्शनियों में प्रवासी भारतीयों को यहां की कलाओं के बारे में बताया जाएगा। भावी भारत और आधुनिक भारत के बारे में बताया जाएगा। भारत की उपलब्धियों की जानकारी भी दी जाएगी। दशाश्वमेध घाट पर लाइट एंड साउंड सिस्टम के जरिए गंगा आरती दिखाई जाएगी। यूपी पवेलियन का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें प्रदर्शनी के जरिए उत्तर प्रदेश के बारे में जानकारी दी जाएगी।
तीन फीडरों से होगी निर्बाध बिजली आपूर्ति
दीनदयाल हस्तकला संकुल को तीन फीडरों से निर्बाध बिजली आपूर्ति की योजना बनाई गई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गोविंद राजू एनएस ने बताया कि संकुल में दो हजार किलोवाट का लोड है। यहां हरहुआ, डीएलडब्ल्यू और तरना के फीडरों से बिजली आपूर्ति की जाएगी। बड़ा लालपुर के स्टेडियम को गोइठहां और तरना से आपूर्ति दी जाएगी, ताकि यहां निर्बाध आपूर्ति हो सके।
कबीर को करीब से जानेंगे हरजानी
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में काशी को जानने की आकांक्षा भी है। हांगकांग के बिजनेसमैन हरजानी दयाल नरायनदास भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। काशी प्रवास के दौरान वह लक्सा रामाकुंड स्थित पुरुषोत्तम कुमार के घर ठहरेंगे। हरजानी कबीरपंथी हैं, लिहाजा उनमें कबीर को करीब से जानने की इच्छा भी है। मेजबान भी इसके लिए तैयार हैं और वह उन्हें कबीर की जन्मस्थली दिखाने के साथ ही काशी दर्शन की योजना बना रहे हैं।
पुरुषोत्तम ने बताया कि हमारे अतिथि ने कबीर पर कई पुस्तकें भी लिखी हैं। वे काशी आगमन को लेकर खासे उत्साहित हैं। उनका यह सफर यादगार बने, इसे लेकर हम भी पूरी तैयारी कर रहे हैं। सेंट जोंस स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षक ऊषा कुमार (पुरुषोत्तम की पत्नी) बताती हैं कि उन्हें कबीर की जन्मस्थली लहरतारा और कबीरचौरा स्थित मूलगादी का भ्रमण कराएंगे।
काशी के घाट और गलियों के साथ ही यहां के दर्शनीय स्थलों पर भी उन्हें ले जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि उन्हें यहां के व्यंजनों का स्वाद भी दिलाएंगे। सिंधी काउंसिल लेडीज चैप्टर यूपी की अध्यक्ष ऊषा ने बताया कि सिंधी समाज की एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया है। हरजानी 20 जनवरी को आएंगे।
काशीवासी प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमानों का लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा पर स्वागत कर सकेंगे। काशी आतिथ्य के तहत अपने घर में मेहमानों को ठहराने वाले लोगों की मांग पर प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी है। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
युवा प्रवासियों से मिलेंगे माध्यमिक विद्यालयों के छात्र
युवा प्रवासियों से माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मिलने का मौका मिलेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयवार छात्रों का चयन किया जा रहा है। 150 ऐसे छात्र-छात्रा होंगे जो 21 जनवरी को बड़ा लालपुर ट्रेड फैसिलिटी सेंटर में आयोजित समारोह में शामिल होंगे।
माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं अलग-अलग देशों के झंडे बनाने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी में जुटे हैं। इनकी प्रस्तुतियां प्रवासी सम्मेलन में होंगी या नहीं, इस पर फैसला होना अभी बाकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 112 देशों के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यालयों में से ही दो-दो छात्रों का चयन किया जा रहा है।
150 छात्र युवा प्रवासियों से मिलेंगे जबकि 50 छात्र अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। जिला प्रशासन की ओर से भी विद्यालयों के लिए झंडे मंगवाए गए हैं, जिसका वितरण कल से होना है।
20 की शाम गंगा आरती से होगी अनौपचारिक शुरुआत
दशाश्वमेध घाट पर भी प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारी दिखने लगी है। यहां साफ-सफाई के अलावा जल पुलिस के बूथ की मरम्मत कराई जा रही है। पहले यहां पुलिस बूथ टिन शेड में चलता था, अब उसे फाल सीलिंग लगाकर व्यवस्थित किया जा रहा है। एल्युमिनियम की सीटें लागई जा रही हैं।
21 से शुरू होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन की अनौपचारिक शुरुआत 20 जनवरी की शाम गंगा आरती से होनी है। इस दौरान अतिथियों के साथ ही मंत्री, नेता और अधिकारी भी घाट पर उपस्थित रहेंगे, इसीलिए यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। पुलिस चौकी को भी कंट्रोल रूम के रूप विकसित किया जा रहा है। चितरंजन पार्क के बाहर बने पुलिस बूथ को भी आकर्षक बनाया गया है। पेंटिंग और लाइटिंग का काम भी हो रहा है। मंदिर न्यास की ओर से भी एक कार्यालय बनाया गया है।
-एजेंसियां

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