हाथरस केस: अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की फाइनल रिपोर्ट जारी, रेप के कोई संकेत नहीं

अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की फाइनल रिपोर्ट
अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की फाइनल रिपोर्ट

हाथरस। हाथरस के कथित गैंगरेप के मामले में अब अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) ने भी अपनी फाइनल रिपोर्ट जारी कर दी है। आगरा से फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल कॉलेज ने पीड़िता के साथ रेप के संकेत मिलने से इंकार कर दिया है। बता दें कि इससे पहले 22 सितंबर को पीड़िता की मेडिकोलीगल (MLC) इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट में पीड़िता के साथ जबरदस्ती के संकेत बताए गए थे। हालांकि रेप की पुष्टि नहीं की गई थी। इसके लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का ही इंतजार किया गया।
मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की ओर से जारी फाइनल रिपोर्ट में कहा गया है, ‘फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर फाइनल ओपिनियन इस प्रकार है-
-किसी भी तरह का वैजाइनल या ऐनल इंटरकोर्स के कोई संकेत नहीं हैं।
-फिजिकल असॉल्ट के सबूत हैं (गर्दन और पीठ पर चोट है)
पीड़िता की MLC रिपोर्ट में जबर्दस्ती के मिले थे संकेत
इससे पहले 22 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने पीड़िता की मेडिकोलीगल इवेंस्टिगेशन तैयार की थी। रिपोर्ट में ओपिनियन कॉलम में डॉक्टर ने लिखा है, ‘मेरा नजरिया है कि ताकत के इस्तेमाल के संकेत हैं। हालांकि, पिनिट्रेशन और इंटरकोर्स के संबंध में नजरिया FSL रिपोर्ट की लंबित उपलब्धता के अधीन है।’
मेडिकल कॉलेज ने पहले नजरिया सुरक्षित रखा था
अस्पताल ने वैजाइना में पिनिट्रेशन मामले में अपना नजरिया सुरक्षित रखा था और मामले को जांच के लिए सरकारी फॉरेंसिक लैब भेज दिया था।
दरसअल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के मुताबिक ‘यौन हमले के पीड़ित के मेडिकल एग्जाम में डॉक्टर यौन अपराध का न ही खंडन करें और न ही पुष्टि।’ पीड़िता ने 22 सितंबर को मैजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था जिसमें उसने बताया था कि उसके साथ रेप हुआ।
फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में यह कहा गया था
बयान के बाद पीड़िता के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब आगरा भेजे गए थे। उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रशांत कुमार ने 1 अक्टूबर को दावा किया था कि हाथरस में 19 साल की दलित लड़की के साथ रेप नहीं हुआ था। अधिकारी का कहना था कि फॉरेंसिक रिपोर्ट ने लड़की के सैंपल में स्पर्म नहीं पाया है। हालांकि आगरा की एफएसएल ने अपनी रिपोर्ट में सीमन न मिलने की बात कही थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर एडीजी ने बयान दिया था।
-एजेंसियां

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