बीएचयू में महिला प्रोफेसर का उत्पीड़न, वीसी ने दिए जांच के आदेश

वाराणसी। महामना की बगिया में दलित महिला प्रोफेसर उत्पीड़न मामले में बीएचयू वीसी राकेश भटनागर ने जांच के आदेश दिए है। बीएचयू वीसी ने इस मामले में चार सदस्यीय कमेटी गठित की हैं। विज्ञान संस्थान के बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर एस कृष्णन कमेटी के अध्यक्ष हैं। यह कमेटी 48 घंटे में मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट वीसी को सौपेंगी।
जांच टीम के गठन के बाद वीसी राकेश भटनागर ने धरने पर बैठी पीड़ित प्रोफेसर से मुलाकात कर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया। बुधवार की देर रात कुलपति के आश्वासन के बाद तीन दिनों से धरने पर बैठी पत्रकारिता एवं जनसम्प्रेषण विभाग की महिला प्रोफेसर शोभना नार्लिकर ने धरना समाप्त कर दिया।
‘तो घेरेंगे कुलसचिव का आवास’
बातचीत में शोभना नार्लिकर ने बताया कि दो दिनों में जांच कमेटी के रिपोर्ट के बाद इस मामले में उचित कदम नहीं उठाएं गए तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। इस बात सेंट्रल ऑफिस के बजाय कुलसचिव के आवास के बाहर धरना देंगे।
यह है पूरा मामला
प्रोफेसर शोभना नार्लिकर ने आरोप लगाया कि 2013 से लगातार विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अफसर और विभाग के प्रोफेसर दलित होने के नाते उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। रेगुलर बेसिक पर काम करने के बाहुजूद उन्हें कार्यालय में लीव विदाउट पे दिखाकर उनकी सीनियॉरिटी को प्रभावित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से लेकर कई अफसरों को उन्होंने इसकी शिकायत की है लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही हैं।
-एजेंसियां

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