Raman Reti में मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

मथुरा। देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने Raman Reti मेंं गुरु पूजा कर गुरुशरणानन्द का आशीष प्राप्त किया।
‘बालू रेतिया में लोट-पोट होइ जसोदा मैया तेरौ ललना‘ की साक्षी बाल-कृष्ण की लीला स्थली रमण रेती स्थित विद्वान सन्त प्रवर स्वामी कार्ष्ण‍ि गुरुशरणानन्द जी महाराज के आश्रम में देश-विदेश से आये उनके लाखों भक्तों में श्रद्धा-भक्ति की धारा प्रवाहित हो रही है।
गोकुल- महावन से Raman Reti आश्रम तक का मार्ग और विशाल पार्किंग स्थल बस तथा छोटे वाहनों से भरा पड़ा था। आश्रम के अन्दर ठाकुर रमण बिहारी जी का मन्दिर तथा महाराज श्री की कुटिया तक असंख्य भक्त जन जय जयकार कर रहे थे। महाराजश्री की गुरु पूजा प्रातः 8 बजे प्रारंभ हुई थी किन्तु भक्तों की लम्बी लाइनें प्रातः 5 बजे से प्रारंभ हो जाती हैं। बहुसंख्या होने पर भी व्यवस्थाएँ इतनी सुचारु थीं कि परम षान्ति और भक्ति भावनाओं के कण-कण में दर्शन हो रहे हैं। आश्रम परिसर मंे रेती के मैदान में श्रद्धालु भक्त जन लोट लगाकर उस रेती के स्पर्श का अनुभव करते हैं जिसमें कभी लाला कन्हैया ने लोट लगाई थी।
महाराजश्री की गुरु पूजा के लिए जल से उनके चरण पखारते हैं और मस्तक नवाकर महाराजश्री का आशीर्वाद और प्रसाद प्राप्त करते हैं।
रमण विहारी मन्दिर प्रांगण में संस्कृत का अध्ययन कर रहे ब्रह्मचारी छात्र ‘गोपाल विलास‘ का सस्वर पाठ कर रहे थे और दूसरी ओर विशाल मंच पर सन्तों के प्रवचन तथा राधेलाल और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या में भक्तजन भाव विभोर थे।
इस अवसर पर आश्रम व्यवस्थापक श्री स्वामी स्वरुपानन्द अधिकारी जी, श्री स्वामी हरिदास, पठानकोट आश्रम के श्री स्वामी गुरुचरणानन्द, श्री स्वामी गोविन्दानन्द, श्री स्वामी हरदेवानन्द, आचार्य अषोक कुमार जोषी, श्री प्रदीप बंसल, श्री सुरेष चन्द्र अग्रवाल तथा श्री राधामोहन पाराशर की  उपस्थिति उल्लेखनीय थी।

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