केडी हास्पीटल में निकाली बीस साल से जबड़े में फंसी bullet

रचना कुमारी को शादी से पूर्व मात्र आठ वर्ष की उम्र में बरात देखने के दौरान हर्ष फायरिंग की लगी थी पचफेड़ा की 315 बोर की bullet

मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में 20 साल पूर्व हर्ष फायरिंग के दौरान जबड़े में लगी bullet को निकालने में दंत विभाग की टीम ने डा. आरती सिंह के नेतृत्व में सफलता पाई है। मरीज के जबड़े में इतने लम्बे समय से फंसी गोली को निकालने की आवश्यकता तब हुई जब बीते एक डेढ़ साल से गोली के फंसे स्थान पर भारी दर्द होने लगा। मुंह में काफी सूजन आ गई। पीड़ा के असहनीय होने पर मरीज अपने परिजनों के साथ केडी हास्पीटल के दंत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. आरती सिंह के पास इलाज कराने को पहुंचा। उन्होंने जांचों के बाद मरीज रचना के जबड़े में 20 साल से फंसी 315 बोर की गोली को निकाल दिया है। अब मरीज दर्द और सूजन से मुक्त होकर आराम से रह रही है।

मरीज के जबड़े में इतने लम्बे समय बाद फंसी गोली को निकालने की आवश्यकता तब हुई जब बीते एक डेढ़ साल से गोली के फंसे होने के स्थान पर होने लगा भारी दर्द और सूजन
मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल की आईपीडी में मौजूद महोली गांव के ध्रुव टीला निवासी 28 वर्षीय रचना कुमारी पत्नी कृष्ण कुमार ने बताया कि जब वह मात्र आठ वर्ष की थी। तब उसके गांव फरह के निकट स्थित तूमपुरा में एक बरात आई थी। वह भी बरात देखने को गई थी। वहां वह हर्षाेल्लास से शादी की चहल पहल में व्यस्त थी। वह बारात के नाच गाने को देख रही थी। तभी किसी ने पचफेड़ा तमंचा से 315 बोर की गोली चला दी। जो कि उसके जबड़े में जा फंसी। जबड़े से खून निकलने पर गांव में ही उसके मलहम पट्टी कर दी। उस समय एक्सरे नहीं कराया गया। गोली का घाव कुछ दिनों में पूरी तरह से ठीक हो गया। पच्चीस साल तक उसे कोई परेशानी नहीं हुई। उसकी शादी ध्रुव टीला स्थित कृष्ण कुमारजी के साथ हो गई। अब वह 28 साल की हो गई है। मगर पिछले एक-डेढ़ साल से उसके जबड़े में काफी दर्द हो रहा था। मुंह में काफी सूजन आ गई थी। इससे वह खाना पीना भी नहीं खा पा रही थी। पड़ाेस की एक महिला ने केडी हास्पीटल में दिखाने की उसे सलाह दी। इसके बाद वह केडी हास्पीटल की ओपीडी में आकर डा. आरती सिंह से मिली। उनसे जबड़े में हो रहे दर्द के बारे में परामर्श मांगा। उन्होंने कुछ जांचें और एक्सरे कराने के बाद जबड़े में गोली फंसे होने की जानकारी दी। ये गोली जबड़े में स्पष्ट दिख रही थी। केडी हास्पीटल में आॅपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने वह गोली निकाल दी है। अब उसे कोई दर्द या परेशानी नहीं हो रही है। डा. आरती सिंह, डा. जयदत्त तिवारी, डा. हरीश ने आॅपरेशन करके मरीज के जबड़े से गोली निकाल दी।

गोली को शरीर के इम्युनिटी सिस्टम के स्वीकारने से नहीं हुआ दुष्प्रभाव-डा. आरती सिंह
मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के दंत विभाग की एचओडी डा. आरती सिंह ने गोली के लम्बे समय तक शरीर में रहने के बावजूद दुष्प्रभाव न होने के सवाल पर बताया कि कभी-कभी हमारे शरीर का इम्यूनिटी सिस्टम अनअपेक्षित चीजों को भी स्वीकार कर लेता है। इसी वजह से शरीर के प्रतिरोधी तंत्र ने गोली के भी जबड़े में 20 साल तक रहने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे मरीज काफी लम्बी अवधि तक बगैर परेशानी के गोली को अपने जबड़े में बनाए रख सकी।

मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल का दंत विभाग काफी मेहनती और काबिल-डा. राम किशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल का दंत विभाग काफी मेहनत और काबिलयत से कार्य कर रहा है। दंत विभाग के चिकित्सकों की टीम ने ऐसे तमाम आॅपरेशनों को अंजाम देकर अपने आप का साबित करने का कार्य किया है। ब्रजवासियों को अपनी दंत रोगों के इलाज के लिए केडी हास्पीटल के दंत विभाग की सेवाओं को लाभ लेना चाहिए।
फोटो परिचय-मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में डेंटल सर्जन डा. आरती सिंह और अन्य के साथ मरीज।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *