सरकार ने कोरोना मरीजों की डिस्चार्ज नीति को संशोधित किया

भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल और गुजरात में सबसे अधिक संक्रमण बढ़ा है, यह राज्य संक्रमण को देखते हुए चिंता के राज्य के तौर पर उभर रहे हैं. उच्च सकारात्मक दरों को रिपोर्ट करने वाले उभरते राज्यों में 22.39 फीसदी के साथ महाराष्ट्र है जबकि पश्चिम बंगाल में संक्रमण दर 32.18 फीसदी, दिल्ली में 23.1 फीसदी और यूपी में 4.47 फीसदी दर्ज की जा रही है. जिससे संक्रमण की चिंता बढ़ गई है.
डिस्चार्ज नीति में क्या बदला?
केंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ समीक्षा बैठक के बाद कोरोना मरीजों के डिस्चार्ज नीति को संशोधित किया गया है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना वायरस मामलों की गंभीरता को “हल्के और मध्यम” वर्गों में वर्गीकृत किया गया है. मध्यम मामलों के लिए अगर लक्षणों का समाधान होता है और अगर रोगी ऑक्सीजन के बिना लगातार 3 दिनों तक O2 संतृप्ति को 93 फीसदी से ज्यादा बनाए रखता है, तो ऐसे रोगी को छुट्टी दे दी जाएगी. इसके अलावा हल्के लक्षण वाले मामलों के लिए मरीज के लगातार तीन दिनों के लिए पॉजिटिव और गैर आपातकालीन परीक्षण से कम से कम सात दिनों के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा. इस केस में मरीज के डिस्चार्ज से पहले कोरोना टेस्ट करने की कोई जरूरत नहीं होगी.
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ओमिक्रॉन के कारण विश्व स्तर पर कुल 115 मौतों की पुष्टि हुई और भारत में 1 मौत हुई. देश में 12 जनवरी को सक्रिय मामलों की संख्या 9,55,319 के करीब है. वहीं, यूरोप के 8 देशों में पिछले 2 सप्ताह में कोरोना के मामलों में 2 गुना अधिक बढ़ोत्तरी हुई है.
-एजेंसियां

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