फेसबुक और गूगल से अब टैक्स वसूलेगी भारत सरकार

नई दिल्‍ली। फेसबुक और गूगल जैसी इंटरनेट कंपनियों को भारत में डेटा स्टोर करने के लिए सरकार डेटा सुरक्षा के मद्देनजर ही नहीं जोर दे रही है, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि कंपनियां यहां से अर्जित कमाई पर टैक्स चुकाएं।
भारत में कारोबार कर रहीं विदेशी कंपनियां भारत के टैक्स अधिकार क्षेत्र से बाहर रहकर काम कर रही हैं। यह अधिकतर सेवाएं विदेशों से दे रही हैं इसलिए टैक्स चुकाने से बच जाती हैं।
गौरतलब है कि सरकार उन्हीं कंपनियों से टैक्स वसूल कर सकती है, जिसकी मौजूदगी भारत में हो।
अभी फेसबुक भारत में मौजूद रहे बिना अपनी सभी सेवाएं दे सकता है। सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘सब्सिडियरी कंपनीज यहां हैं, लेकिन वह सीमित कारोबार कर रही हैं।’
आगे उन्होंने कहा, ‘जब आप (भारतीय यूजर) फेसबुक या गूगल पर साइन अप करते हैं तो आपका कॉन्ट्रैक्ट उनके भारतीय ऑफिस के साथ नहीं होता इसलिए मेरी समझ में कुछ और भी कारण हैं, लेकिन लोकल सर्वर पर डेटा स्टोर होने से टैक्सेशन और रेवेन्यू में मदद मिलेगी।’
‘विदेशी कंपनियों को क्यों छोड़ें?’
अधिकारी ने कहा कि यह फेसबुक तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी विदेशी ऑनलाइन कंपनियों पर लागू होगा जो यहां कारोबार करती हैं। उन्होंने कहा, ‘कोई कह सकता है कि सरकार को फेसबुक से कमाई नहीं करनी चाहिए लेकिन हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते हैं कि वह बहुत पैसा बना रहे हैं। यदि किसी भारतीय कंपनी ने ऑनलाइन या ऑफलाइन कारोबार से इतनी कमाई की होती तो उन्हें बहुत टैक्स देना पड़ता…तो फिर उन्हें क्यों छोड़ दिया जाए।’
डेटा साइट स्टैटिस्टा के मुताबिक अक्टूबर तक फेसबुक के भारत में 29.4 करोड़ यूजर्स हैं, जबकि इसके मैसेजिंग प्लैटफॉर्म वॉट्सऐप ने फरवरी में कहा था कि देश में उसके 20 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। दोनों ही कंपनियों के लिए यह सबसे बड़ा यूजर बेस है।
फेसबुक और गूगल ने इस मसले पर पूछे गए सवालों को लेकर उन्‍होंने प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में डेटा स्टोर किए जाने से सरकार उन पर बेहतर तरीके से नजर रख सकती है।
टैक्स अथॉरिटीज को मिलेगा अधिकार
अशोक माहेश्वरी ऐंड एसोसिएट्स के पार्टनर अमित माहेश्वरी कहते हैं, ‘एक बार यह कंपनियां भारत में सर्वर लगा लें तो उन्हें स्थायी प्रतिष्ठान माना जाएगा और अथॉरिटीज को उनसे देश में होने वाली कमाई पर टैक्स वसूलने का अधिकार मिल जाएगा।’
गूगल टैक्स
2016 में भारत ने इक्वलाइजेशन लेवी की शुरुआत की थी, जिसे गूगल टैक्स के नाम से भी जाना जाता है। नियम के तहत, देश के कारोबारियों द्वारा विदेशी ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडरों, मसलन गूगल, याहू, ट्विटर, फेसबुक आदि को दिए ऑनलाइन ऐड के लिए भुगतान की गई राशि पर 6% लेवी वसूला जाता है। शुरुआती प्रतिरोध के बावजूद मार्च 2018 तक भारत को 1 हजार करोड़ रुपये इक्वलाइजेशन लेवी मिला है।
मोटी है आमदनी
भारत में रेग्युलेटरी फाइलिंग के मुताबिक वित्त वर्ष 2017 में फेसबुक ने 341.8 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर 40.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। मौजूदा वित्त वर्ष के आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं। सितंबर में रॉयटर्स ने कहा था कि 2018 में फेसबुक को भारत से 98 करोड़ डॉलर कमाई का अनुमान है। वित्त वर्ष 2018 में गूगल इंडिया ने 30 फीसदी उछाल के साथ 9337 करोड़ रुपये रेवेन्यू की घोषणा की थी।
-एजेंसियां

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