करदाता के विश्वास की खात‍िर सरकार कर रही लगातार प्रयास: P.C. Mody

नई द‍िल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष P.C. Mody ने कहा कि हमारा ध्यान स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहित करने, ईमानदार करदाता को सुविधा पहुंचाने और भ्रष्ट करदाताओं के खिलाफ कार्रवाई करने पर केंद्रित रहा है। P.C. Mody एसोचेम के बजट परवर्ती सम्मेलन में बजट-2020 का मसौदा तैयार करने में अपनाई गई विचार प्रक्रिया के बारे में बोल रहे थे। सम्मेलन का आयोजन कर संबंधी प्रस्तावों का विश्लेषण करने के लिए किया गया।
उन्होंने कहा ‘‘सरकार ने कर प्रशासक और करदाता के बीच विश्वास सृजित करने के प्रयास के हिस्से के रूप में करदाता की गैर-मौजूदगी में मूल्यांकन कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया है। यह कार्यक्रम तकनीकी यूनिटों की सहायता से चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य करदाता और कर अधिकारी के बीच किसी तरह के व्यक्तिगत हस्तक्षेप को कम से कम करना और समाप्त करना है, ताकि किसी भी तरह से तंग किए जाने का कोई प्रश्न ही पैदा न हो’’।
केंद्रीय बजट में घोषित ‘‘विवाद से विश्वास’’ नाम के नए कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि यह एक उचित समझौता है और मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे बकाया मुद्दों के बारे में फिर से सोचें, और इस कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए आगे आएं।’’
स्वागत भाषण करते हुए एसोचेम के अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा ‘‘बजट 2020 अगले पांच वर्ष के लिए अर्थव्यवस्था की गति निर्धारित करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए दिशा निर्देशन से सहमति व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री ने जो दिशा तय की है, उससे एक लक्ष्य दस्तावेज तैयार हुआ है, जो पूरी तरह स्पष्ट है- समूचे विश्व के संदर्भ में एकीकृत है, जिसमें कृषि, विभिन्न तरीकों से निवेश पर ध्यान केंद्रित किया गया है और 25 प्रतिशत कॉर्पोरेट कर का प्रावधान किया गया है।’’
लघु और मध्यम उद्यमों (एसएमईज़) द्वारा सामना किए जा रहे भीषण नकदी संकट के बारे में डॉ. हीरानंदानी ने कहा, ‘‘एसएमईज़ अर्थव्यवस्था पर विविध प्रकार का प्रभाव डालते हैं। आज एसएमईज़ को नकदी के संकट का सामना करना पड़ रहा है और जब तक इस संकट का समाधान नहीं होगा, वे किसी भी तरह समृद्ध नहीं हो सकते। हमें उद्योग और व्यापार जगत के लिए नकदी की व्यवस्था करनी होगी।’’
विशेष भाषण देते हुए और दोषपूर्ण क्षेत्रों को सही समय पर और सही मात्रा में सहायता पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य – कर नीति, डॉ. जॉन जोसेफ ने कहा – ‘‘सरकार ने अनेक ऐसी वस्तुओं पर सीमा शुल्क में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है, जो एसएमईज़ द्वारा विनिर्मित किए जाते हैं। इस कदम का लक्ष्य क्षेत्र को सहायता पहुंचाना है ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा सके और आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ हो सकें।’’
जीएसटी के कार्यान्वयन को एक सफलता बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी के कार्यान्वयन से विश्व के अन्य भागों से भिन्न भारत में मुद्रास्फीति स्थिर रही, जबकि विश्वभर में जीएसटी के कार्यान्वयन से महंगाई में बढ़ोतरी देखी गई। जीएसटी का उच्चतर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए हमने लॉटरी सिस्टम शुरू करने की योजनाएं बनाई हैं, ताकि उपभोक्ता के व्यवहार में परिवर्तन लाया जा सके।’’
सम्मेलन में उद्योग जगत की गई जानी मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया। इनमें श्री राहुल गर्ग, अध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर परिषद, एसोचेम; श्री राकेश नांगिया, सह-अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय करों की राष्ट्रीय परिषद, एसोचेम; श्री कमलेश सी. वार्ष्णे, संयुक्त सचिव, टीपीएल-1 ‘सीबीडीटी’; श्री अमित राणा, पार्टनर, पीडब्ल्यूसी; श्री एस.पी. सिंह, सह-अध्यक्ष प्रत्यक्ष करों संबंधी राष्ट्रीय परिषद, एसोचेम; श्री राकेश कुमार भूत़, संयुक्त सचिव, टीपीएल-2, सीबीडीटी; श्री वीनीत अग्रवाल, ग्रुप हेड-कराधान, जेएसडब्ल्यू स्टील लि. ; श्री अमित सिंघानिया, पार्टनर, शार्दूल अमरचंद मंगलदास एंड कम्पनी; श्री प्रतीक जैन, अध्यक्ष, राष्ट्रीय अप्रत्यक्ष कर परिषद, एसोचेम; श्री जी.डी. लोहानी, संयुक्त सचिव-टीआरयू-1, सीबीआईसी; श्री जे.के. मित्तल, सह-अध्यक्ष, एसोचेम नेशनल काउंसिल आन इनडायरेक्ट टेक्सेज़; श्री सुदीप्त भट्टाचार्जी, पार्टनर, अद्वैता लीगल और कई अन्य हस्तियां शामिल थीं।
एसोचेम के बजट परवर्ती सम्मेलन का लक्ष्य केंद्रीय बजट 2020-21 के नए कर प्रस्तावों और नीतिगत उपायों के बारे में जागरूकता पैदा करना तथा सभी हितधारकों को अपेक्षित स्पष्टीकरण प्रदान करना था।

-Legend news

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