महाराष्ट्र में भी सरकारी व कारपोरेट ऑफ‍िस सात दिन तक बंद

मुंबई। महाराष्ट्र में भी कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए सभी सरकारी कार्यालय 7 दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। लेकिन, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर फिलहाल निर्णय नहींं हो पाया है।

लोकल ट्रेन और बेस्ट बसों के परिचालन का निर्णय जल्द अपेक्षित है वहीं कारपोरेट सेक्टर ने सुबह ही अपने दफ्तर शत-प्रतिशत बंद रखने के साथ कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया है।

कारपोरेट सेक्टर के प्रतिनिधियों ने इस बारे में सरकार को भी सूचित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि कॉरपोरेट सेक्टर ने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है। साथ, ही कोरोना के प्रति जागरुकता के लिए अपने कर्तव्य का भी निर्वाह कर रहे हैं।

डॉक्टरों के अनुसार कोरोना वायरस से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए भीड़ का कम होना जरूरी है। इसलिए मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन और परिवहन का दूसरा सबसे बड़ा साधन बेस्ट उपक्रम की लाल बसों का परिचालन भी बंद किया जा सकता हैं।

क्या होता है लॉक डाउन
देश में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है, जहां सबसे ज्यादा कोरोना वायरस से संक्रमित लोग पाए गए हैं। इसके मद्देनजर राज्य में स्कूल-कॉलेज, जिम, स्विमिंग पूल, थिएटर, मॉल्स आदि पहले ही 31 मार्च तक बंद किए गए हैं। परीक्षाएं भी टाल दी गई है।

अब लॉक डाउन होने से केवल आपदा की स्थिति में ही लोग घर से बाहर निकल सकेंगे। लॉक डाउन में अनाज, औषधि, अस्पताल, बैंक व छोटे बच्चे व बुजुर्ग की देखभाल के लिए ही घर से बाहर निकला जा सकता है।

– एजेंसी

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