भारत दौरे पर श्रीलंका के राष्ट्रपति Gotabaya Rajapaksa, कहा- भारत श्रीलंका संबंधों को अत्यधिक ऊंचाइयों पर ले जाऐंगे

नई द‍िल्ली। भारत दौरे पर आए श्रीलंका के राष्ट्रपति Gotabaya Rajapaksa ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत के साथ अपने देश के संबंधों को अत्यधिक ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। Gotabaya Rajapaksa ने यह भी कहा कि सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर और दोनों देशों की जनता के कल्याण की खातिर भारत और श्रीलंका को मिलकर काम करने की जरूरत है राष्ट्रपति भवन में औपचार‍िक स्वागत के बाद गोटबाया राजपक्षे ने यहां संवाददाताओं से यह बात कही इससे पहले आज सुबह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गोटबाया का परंपरागत रूप से स्वागत किया गया इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे।

श्रीलंका के नवन‍िर्वाच‍ित में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का आज दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने उनकी अगवानी की। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बात संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे) को दिया गया जनादेश एक मजबूत देश के लिए श्रीलंका के लोगों की महत्वाकांक्षाओं की अभिव्यक्ति है। एक मजबूत श्रीलंका न केवल भारत के हित में है, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के हित में भी है।

उन्होंने कहा कि श्रीलंका और भारत एक मजबूत साझीदार हैं। हम अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत श्रीलंका के साथ अपने संबंधों को प्राथमिकता देते हैं। भारत ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है और लड़ाई लड़ी है। आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत श्रीलंका को 50 मिलियन डॉलर का ऋण दे रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारत 400 मिलियन डॉलर का लाइन क्रेडिट भी देगा। भारतीय आवास परियोजना के तहत श्रीलंका में 46,000 घर पहले ही बन चुके हैं जबकि 14,000 घर भविष्य में तमिल मूल के लोगों के लिए बनाए जाएंगे। इसके अलावा श्रीलंका को सौर परियोजनाओं के लिए भारत ने 100 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमने श्रीलंका में सुलह पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति राजपक्षे ने मुझे जातीय सद्भाव पर अपने समावेशी राजनीतिक दृष्टिकोण के बारे में बताया। मेरा मानना है कि श्रीलंका सरकार तमिलों की समानता, न्याय, शांति और सम्मान की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सुलह की आगे की प्रक्रिया अपनाएगी।

वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहा कि हम हिरासत में ली गईं भारतीय नौकाओं को छोड़ने के लिए कदम उठाएंगे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के सम्मान में औपचारिक भोज का आयोजन करेंगे। बता दें कि गोटबाया राजपक्षे गुरुवार को अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर तीन दिन के लिए भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति राजपक्षे का केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

राजपक्षे के सचिव पीबी जयसुंदर और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के सलाहकार ललित वीरतुंगा भी उनके साथ यहां आए हैं। भारत ने भी नई श्रीलंकाई सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। गोटबाया के राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर उन्हें शुभकामना दी थी।

– एजेंसी

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