सुखद खबर: ब्रिटेन के लोगों में कोविशील्‍ड की डोज 90 प्रतिशत प्रभावी

कोरोना वायरस के कहर के बीच ब्रिटेन से एक सुखद खबर सामने आई है। भारत में बड़े पैमाने पर लगाई जा रही ऑक्‍सफर्ड की कोरोना वैक्‍सीन कोविशील्‍ड की दो डोज ब्रिटेन में 85 से लेकर 90 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई है।
हालांकि पब्लिक हेल्‍थ इंग्‍लैंड ने इस आंकड़े को जारी करने के साथ ही चेतावनी दी है कि अभी कुछ भी निर्णायक कहने के लिए उनके पास पर्याप्‍त आंकड़े नहीं हैं। भारत में मिले कोरोना वेरिएंट के खतरे के बीच अब ब्रिटेन बहुत तेजी से कोरोना वैक्‍सीन लगा रहा है।
ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी की कोविशील्‍ड वैक्‍सीन को ब्रिटेन में ही सबसे पहले लगाया गया था। कोविशील्‍ड वैक्‍सीन दुनियाभर में शुरू से ही अपने क्लिनिकल ट्रायल, प्रभाव और दो डोजों के बीच अंतर को लेकर विवादों में आ चुकी है। पब्लिक हेल्‍थ इंग्‍लैंड ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि ऑक्‍सफर्ड की वैक्‍सीन उन लोगों की तुलना में 89 फीसदी प्रभावी है जिन्‍होंने कोविशील्‍ड को नहीं लगवाया है। हालांकि उसने यह भी कहा कि ये आंकड़े अभी कम विश्‍वसनीय हैं। ज्‍यादा साक्ष्‍य मिले बिना ये आंकड़े अधूरे हैं।
कोविशील्‍ड की तुलना में फाइजर की वैक्‍सीन करीब 90 फीसदी प्रभावी रही है। ब्रिटेन के वैक्‍सीन मंत्री नधीम जहावी ने कहा, ‘इस नए डेटा ने ऑक्‍सफोर्ड की वैक्‍सीन के अविश्‍वसनीय प्रभाव को उजागर किया है। ऑक्‍सफर्ड की वैक्‍सीन से 90 फीसदी सुरक्षा मिल रही है।’ एस्ट्रेजनेका ने भी ब्रिटेन से आई इस सुखद खबर का स्‍वागत किया है। कंपनी के प्रवक्‍ता ने कहा कि ब्रिटेन से आए वास्‍तविक आंकडे़ कोरोना के खिलाफ हमारे वैक्‍सीन के प्रभाव का सबूत हैं।
ब्रिटेन में ऑक्‍सफर्ड और फाइजर की कोरोना वैक्‍सीन को इस साल की शुरुआत से ही लगाया जा रहा है। ब्रिटेन में पहले 12 सप्‍ताह के अंतराल पर कोरोना वैक्‍सीन की दूसरी डोज लगाई जा रही थी। भारत में कोरोना वायरस के वेरिएंट के फैलने के बाद अब दूसरी डोज के टाइम को घटाकर 8 सप्‍ताह कर दिया गया है। ऑक्‍सफोर्ड की वैक्‍सीन भारत में कोविशील्‍ड के नाम से लगाई जा रही है और अब करोड़ों लोग इसके एक या दो डोज लगवा चुके हैं।
खून में थक्‍के जमने के कारण के यह वैक्‍सीन पूरी दुनिया में विवादों में भी आ गई है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय को हाल ही में एक रिपोर्ट सौंपी गई है जिसमें कहा गया है कि भारत में भी ऐसे 26 मामले सामने आए हैं जिनमें ब्‍लड क्‍लॉट जमता देखा गया है। इन सभी लोगों को कोविशील्‍ड कोरोना वैक्‍सीन लगाई गई थी। यूरोप के कई देशों में ऑक्‍सफर्ड की वैक्‍सीन को बैन कर दिया है। ब्‍लड क्‍लॉट के खतरे को देखते हुए इस वैक्‍सीन को बनाने वाले ब्रिटेन में 40 साल से कम उम्र वाले लोगों को कोई और वैक्‍सीन लगवाने की सलाह दी गई है।
-एजेंसियां

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